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  • नेताजी सुभाषचंद्र बोस को 'तोजो का कुत्ता' बताते थे वामपंथी
  • शबरीमला में हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़ क्यों ?
  • दशानन के प्रति लोगों की आस्था, नहीं फूंकते रावण का पुतला
  • पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के विरोध में मुसलमान
  • माकपा राज में हिंदू संस्कृति को नष्ट करने की तैयारी
शक्ति उपासना का पर्व विजयादशमी

शक्ति उपासना का पर्व विजयादशमी

विजयादशमी या दशहरा सम्पूर्ण भारत का उत्सव है यद्यपि इसको मनाने की परम्पराओं, मान्यताओं में अनेक स्थानीय विविधताएं सम्मिलित हैं, परन्तु त्योहार एक ही है। ना

"सख्ती और दमदारी से हुए जम्मू—कश्मीर में निकाय चुनाव"

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्य पाल मलिक कहते हैं, यहां अलगाववादी और अतिवादी तत्व हैं जो नहीं चाहते कि राज्य में शांति का वातावरण हो और कश्मीर के लोगों का विकास हो। भारत सरकार और संसद का स्पष्ट मत है कि जम्मू—कश्मीर भारत का अविभाज्य अंग है और दुनिया की कोई भी ताकत इसे अलग नहीं कर सकती। श्रीनगर स्थित राजभवन में पाञ्चजन्य संवाददाता ने उनसे विस्तृत बात की। प्रस्तुत हैं बातचीत के संपादित अंश:-
अपने ही देश में शरणार्थियों का जीवन जीने को मजबूर रेयांगों की कब होगी वापसी

अपने ही देश में शरणार्थियों का जीवन जीने को मजबूर रेयांगों की कब होगी वापसी

22 साल से त्रिपुरा में शरणार्थी जीवन जी रहे मिजोरम की रियांग जनजातीय लोगों को उनके पैतृक स्थान पर बसाने के लिए पिछले दिनों दिल्ली में एक समझौता हुआ, पर उसको विफल करने के लिए अनेक संगठन आगे आ गए। ऐसे ही संगठनों ने देश के अनेक हिस्सों में वैमनस्यता फैलाई है। इस कारण एक बहुत बड़ा समाज विकास से अछूता है
श्रीराम का नैमिष पथ  !

श्रीराम का नैमिष पथ !

भारतीय संस्कृति को अरण्य (वन) संस्कृति यूं ही नहीं कहा गया है। हमारा समूचा ज्ञान-विज्ञान इन्हीं अरण्यों में विकसित हुआ है। इन्हीं अरण्यों में सृजित वेद-उपनिषद्, महाभारत, रामायण व पुराणों से लेकर रामचरितमानस जैसी मानवता की पथ प्रदर्शक कृतियां सदियों से हमारी वैदिक मनीषा की अद्भुत मेधा का यशोगान करती आ रही हैं। अपने अंचल में असंख्य रोचक और प्रेरक कथा-गाथाएं समेटे ये अरण्य न सिर्फ हमारी संस्कृति का मूल स्रोत रहे हैं अपितु हमारी गौरवशाली मानवीय सभ्यता के विकास के मूक साक्षी भी हैं।
दुनियाभर में अमेरिका गैस—तेल की पाइपलाइन बिछाना चाहता है पर नहीं हो रहा सफल

दुनियाभर में अमेरिका गैस—तेल की पाइपलाइन बिछाना चाहता है पर नहीं हो रहा सफल

विश्व में अमेरिकी प्रभुत्व को बनाए रखने के लिए जहां ऊर्जा के स्रोत और रास्ते हैं, वहां सामरिक भागीदार की जरूरत भी है। यह पूरे यूरेशिया क्षेत्र में सामरिक संगठन में अधिक सहयोग से संभव है।'' ये शब्द हैं, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जिमी कार्टर के सुरक्षा मामलों के सलाहकार ब्रेजिन्स्की के।
रुपये और पेट्रोल के अर्थशास्त्र की राजनीति

रुपये और पेट्रोल के अर्थशास्त्र की राजनीति

अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर इन दिनों एक साथ दो किस्म की खबरें आ रही हैं। एक खबर तो यह कि भारत की अर्थव्यवस्था विश्व की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था होने की तरफ जा रही है। दूसरी तरफ यह खबर है कि रुपया डॉलर के मुकाबले लगातार गिर रहा है। एक डॉलर के मुकाबले 72 रुपये पचास पैसे मिल रहे हैं, कुछ समय पहले एक डॉलर के बदले 64 रुपये आते थे। तो क्या रुपये की कमजोरी को अर्थव्यवस्था की कमजोरी मान लिया जाये। इस सवाल का जवाब हां नहीं हो सकता, क्योंकि कुछ और आंकड़े भी सामने हैं।
अर्थव्यवस्था में अटल जी का योगदान

अर्थव्यवस्था में अटल जी का योगदान

24 अक्टूबर 1998 को वाजपेयी जी ने FICCI बैठक में कहा, "यह सरकार देश के अलग-अलग क्षेत्रों को जोड़ने के लिए 7,000 किलोमीटर लंबी रोड प्रोजेक्ट की शुरुआत करेगी। इस योजना की शुरुआत इसी साल से कर दी जाएगी।" और इस प्रकार भारत को 'गोल्डेन क्वाड्रिलेटरल' (स्वर्णिम चतुर्भुज) मिला। वाजपेयी जी ने दो महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को लॉन्च किया। इसमें पहली परियोजना गोल्डेन क्वाड्रिलेटरल के जरिए देश के चार महानगरों को जोड़ने के लिए नेशनल हाइवे डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (NHDP) था। दूसरी परियोजना देश के सभी ग्रामीण इलाकों को जोड़ने को

नेताजी के पोते बोले, नेहरू ने किया था आजाद हिंद फौज का विरोध

नेताजी के पोते बोले, नेहरू ने किया था आजाद हिंद फौज का विरोध
नेताजी सुभाषचंद्र बोस के पोते व पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के उपाध्‍यक्ष चंद्र कुमार बोस ने कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों के इतिहास को मिटाने का प्रयास किया और भारत में तानाशाही को बढ़ावा दिया।
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पुलिस स्मारक के उद्घाटन पर शहीदों को याद कर भावुक हुए मोदी

पुलिस स्मारक के उद्घाटन पर शहीदों को याद कर भावुक हुए मोदी
चाणक्यपुरी में 30 फीट ऊंचा यह एकल पाषाण-स्तंभ देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस बल और केंद्रीय पुलिस संगठनों का प्रतिनिधित्व करता है। इस स्मारक का निर्माण शांतिपथ के उत्तरी छोर पर चाणक्यपुरी में 6.12 एकड़ भूमि पर किया गया है। 1959 में चीनी सैनिकों द्वारा लद्धाख में हॉट स्प्रिंग्स में मारे गए पुलिस जवानों की याद में हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस दिवस मनाया जाता है
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कश्मीर जाएं तो भद्रकाली जरूर जाएं

कश्मीर जाएं तो भद्रकाली जरूर जाएं
संपूर्ण जम्मू—कश्मीर में अनेकानेक विशाल और पुरातन मंदिर-तीर्थस्थल विद्यमान हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश के महात्म्य के बारे में भारत के अन्य भागों के लोगों को कम ही पता है और जिनको पता है वे यहां की स्थिति के चलते यहां आने से कतराते हैं।
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थाईलैंड में शाकाहार की धूम

थाईलैंड में शाकाहार की धूम
सेहत को ध्यान में रखते हुए शाकाहार बहुत तेजी से विश्वभर में लोकप्रिय होता जा रहा है। हर वर्ष भोजन के लिए बहुत से जानवरों को मारा जाता है लेकिन अब लोग तेजी से शाकाहार अपना रहे हैं। थाइलैंड में हर वर्ष शाकाहार को बढ़ावा देने के लिए 9 दिनों का वेजिटेबल फेस्टिवल मनाया जाता है। इन दिनों थाइलैंड में जोरों—शोरों से वेजिटेबल फेस्टिवल मनाया जा रहा है ।
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हैवानियत का नाम पाकिस्तान

हैवानियत का नाम पाकिस्तान
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र में विश्व को पाकिस्तान की असलियत से परिचित कराया है। दुनिया के सामने उसके दोहरे चेहरे को बेनकाब किया है। भारतीय विदेश मंत्री ने साफ शब्दों में संयुक्त राष्ट्र को आगाह किया कि अगर समय के साथ बदलाव को अंगीकार नहीं किया गया तो इसका हश्र भी लीग ऑफ नेशंस जैसा ही होगा
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अमेरिका भी मानता है कि भारत वामपंथी हिंसा से पीड़ित है

अमेरिका भी मानता है कि भारत वामपंथी हिंसा से पीड़ित है
अमेरिका के विदेश विभाग की एक संस्था ने रिसर्च करने के बाद एक रिपोर्ट बनाई है। इस रिपोर्ट के तहत दुनिया के पांच सबसे खूंखार आतंकी संगठनों की सूची जारी की गई है। आपको जानकार हैरत होगी कि इसमें भाकपा (माओवादी) को भारत में सबसे ज्यादा हिंसा फैलाने वाला गुट बताया गया है
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'मालवीय जैसे व्यक्तित्वों के कारण ही आज तक बची है भारतीय सभ्यता'

मदन मोहन मालवीय एक दूरदृष्टा थे। जब देश स्वतंत्र हो रहा था तब उनके मन में भावी भारत का स्पष्ट चित्र था, जिसमें भारत की पहचान और राष्ट्रीयता प्रमुख थी।
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जस्टिस गोगोई बने देश के नए मुख्य न्यायाधीश

जस्टिस गोगोई बने देश के नए मुख्य न्यायाधीश
जस्टिस रंजन गोगोई ने देश के नए मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की।
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गरीबी को पीछे छोड़ आगे बढ़ रहा भारत

गरीबी को पीछे छोड़ आगे बढ़ रहा भारत
भारत गरीबी को पीछे छोड़ आगे बढ़ रहा है। बीते दस वर्षों में भारत भारत में 27 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकलने में कामयाब रहे। । संयुक्त राष्ट्र की संस्था UNDP की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में वित्त वर्ष 2005-06 से 2015-16 के दौरान 27 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकलने में कामयाब रहे। इस इंडेक्स के मुताबिक भारत में गरीबी का प्रतिशत बीते 10 सालों में घटकर आधा हो गया है ।यह रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र के तहत काम करने वाली संस्था संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और ग़रीबी के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था
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पितर पक्ष - पूर्वजों के स्मरण के दिन

पितर पक्ष - पूर्वजों के स्मरण के दिन
 सनातन कैलंडर के सातवें महीने आश्विन महीने का कृष्ण पक्ष पितरों को समर्पित है और पितृ पक्ष के नाम से जाना जाता है। सनातन धर्म में मान्यता है कि पितर लोक से पितर इन दिनों में धरती पर आते हैं वह अपनी संतान से श्राद्ध की आशा लेकर आते हैं । पितर ऋण चुकाने का ये एक सुअवर माना जाता है । पितृ ऋण वैसे तो कोई नहीं चुका सकता । अपने पितरों के कारण ही हम इस पृथ्वी पर आते हैं उन्होनें ने ही हमें ये देह दी है । इन दिनों में लोग अपने पूर्वजों की मृत्यु तिथि के अनुसार श्राद्ध करते हैं। श्राद्ध शब्द श्रद्धा से बना
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प्रक्षेपण के बाद भारत का मंगलयान कर रहा कमाल

प्रक्षेपण के बाद भारत का मंगलयान कर रहा कमाल

प्रक्षेपण के बाद भारत का मंगलयान कर रहा कमाल

श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए रास्ता तलाशे सरकार

अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण को लेकर जारी चर्चाओं के बीच गत दिनों नई दिल्ली स्थिति विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय कार्यालय,आर.के. पुरम में संतों की उच्चाधिकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में संतों ने सरकार को 31 जनवरी तक राम मंदिर निर्माण के लिए रास्ता तलाशने का समय दिया है।

‘‘अपनत्व की संवेदना से सेवा कार्य को सर्वव्यापी करें’’

‘‘दिव्यांगों की सेवा का कार्य बहुत कठिन है। दिव्यांग हमारे मध्य आज से नहीं हैं, समाज में सदैव से रहे हैं, बस संवेदनहीनता के कारण इस क्षेत्र में सेवा कार्य हेतु प्रयास कम हो गए थे।

भारतीय समाज कार्य दिवस’ के रूप में मनाया गया नानाजी देशमुख का जन्म दिवस

समाज कार्य के शिक्षण, प्रशिक्षण और व्यवसाय से जुड़े लोगों ने प्रख्यात समाज सेवी नानाजी देशमुख के जन्म दिवस 11 अक्टूबर को ‘भारतीय समाज कार्य दिवस (Indian Social Work Day) के रूप में रूप में मनाया. दिल्ली सहित भारत के कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय विश्वविद्यालयों जैसे बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय, असम केंद्रीय विश्वविद्यालय, महात्मा गांधी अन्तरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा, इंदौर स्कूल ऑफ़ सोशल वर्क, भारतीय विद्यापीठ, पुणे, तुमकुर विश्वविद्यालय, कर्नाटक और पंजाबी विश्वविद्यालय आदि प्रमुख हैं।

महिलाएं पुरुषों से कमतर नहीं

 संगम को संबोधित करते श्री मोहन भागवत गत 29 सितंबर को जयपुर के इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान में मातृशक्ति संगम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहन भागवत। मातृ शक्ति को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय विचार परंपरा में पुरुष और स्त्री को एक-दूसरे का पूरक माना गया है। स्त्रियों में भिन्न-भिन्न कायोंर् को साथ-साथ कर पाने की नैसर्गिक क्षमता होती है। तो वहीं पुरुष अपनी आजीविका के माध्यम से परिवार को चलाने और उसे सु

‘‘वेद में निहित ज्ञान ही है हमारी असली धरोहर’’

‘‘प्राचीन ज्ञान-विज्ञान ही भारत की असली धरोहर है। मैकाले की शिक्षा और स्वाधीनता के बाद उसकी अंधी नकल ने हमसे हमारे वेदों को दूर कर दिया है। इसलिए कभी विश्वगुरु रहने वाला हमारा देश आज केवल पश्चिमी देशों की नकल ही करता है।

बालकों को राष्ट्रभक्त,धर्मनिष्ठ बनाना विद्या भारती का लक्ष्य

   मंच पर उपस्थित श्री रंगाहरि (बाएं) एवं अन्य विशिष्टजनगत दिनों चैन्नै में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की अखिल भारतीय कार्यकारिणी की तीन दिवसीय बैठक संपन्न हुई। बैठक में देशभर से 173 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की प्रस्तावना में अ.भा.संगठन मंत्री श्री जे.एम.काशीपति ने आगामी तीन वर्ष की योजना की निर्मिति एवं संगठनात्मक रचना के विस्तार और सुदृढ़ता के लिए नए-नए कार्यकर्ताओं के विकास पर बल दिया। इसी प्रकार बदलते राष्ट्रीय परिदृश्य व वनवासी क्षेत्रों की बदलती स्थिति, वनवासी

''श्रद्धालुओं की भावनाओं की अनदेखी नहीं की जा सकती''

गत 3 अक्तूबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह श्री भैयाजी जोशी ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के सबरीमला देवस्थानम पर हाल में आए निर्णय ने पूरे देश में तीखी प्रतिक्रिया पैदा की है। यद्यपि हम भारत में ऐसे अनेक स्थानीय मंदिरों और परंपराओं का आदर करते हैं, जिनका अनुसरण सभी श्रद्धालु करते हैं। वहीं हमें इस निर्णय का भी सम्मान करना होगा। सबरीमला देवस्थानम का विषय स्थानीय मंदिर की परंपरा और आस्था से जुड़ा है, जिसके साथ महिलाओं सहित लाखों श्रद्धालुओं की भावनाएं संलग्न हैं। इस न

समाज परिवर्तन का आंदोलन है संघ

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समाज परिवर्तन का आंदोलन है। संघ के कार्यकर्ता समाज जागरण के कार्य में संलग्न हैं। संघ मानता है कि देश का आम जनमानस जब तक खड़ा नहीं होगा, तब तक देश का परिवर्तन संभव नहीं है।
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