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  • संघ ने व्याख्यानमाला से संपूर्ण समाज को दिया स्पष्ट संदेश, ऐतिहासिक होगा असर
  • प्रबुद्धजनों के सवाल, भागवत जी के जवाब
  • शाखा ने समाज को एक साथ खड़ा करने का काम किया
  • इस्राइलियों के लिए दूसरी मां की तरह है भारत
  • सितम्बर/जन्म-दिवस विशेष: युगों में जन्म लेते हैं दीनदयाल जी जैसे मनीषी
  • यहूदी से हिंदू बनने की मेरी यात्रा
  • शाश्वत हिंदू राष्ट्र दरअसल है क्या?
  • केरल में जो हुआ वही चर्च का असल चेहरा है
  • आजादी के आंदोलन में संघ का बड़ा योगदान था लेकिन संघ को श्रेय लेने की आदत नहीं
  • अब किसके दम पर उछलेगा पाकिस्तान
  • पश्चिमी बंगाल-बौखलाई तृणमूल का हत्यावाद
साफ बात असर गहरा

साफ बात असर गहरा

 दुनिया में हमारा कोई शत्रु नहीं है। अगर कोई शत्रु है भी तो अपने को बचाते हुए उन्हें साथ लेकर चलने की आकांक्षा रखते हैं। ये वास्तव में हिन्दुत्व है— डॉ. मोहन भागवतभविष्य का भारत : संघ का दृष्टिकोण, नाम से दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित तीन दिवसीय आयोजन को ऐतिहासिक मानने के कई कारण हैं।इनमें सर्वप्रमुख है- ऐसे विशाल सार्वजनिक मंच से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर संघ के मत को समाज जीवन की विभिन्न विभूतियों के सामने स्पष्ट तौर पर रखना। किन्तु इसके साथ ह
आधुनिक भारत के कौटिल्य पं. दीनदयाल उपाध्याय

आधुनिक भारत के कौटिल्य पं. दीनदयाल उपाध्याय

पं. दीनदयाल उपाध्याय ने सदियों पुरानी भारतीय मनीषा के विचारों और नीतियों को ही आगे बढ़ाने का कार्य किया। उनकी इच्छा थी कि राष्ट के हर व्यक्ति को फूलने-फलने का अवसर मिले। इस विचार को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने एकात्ममानवाद का दर्शन प्रस्तुत किया
चमकते सितारे आइए, जानते हैं जकार्ता में अपनी प्रतिभा का सिक्का जमाने वाले कुछ सितारों को

चमकते सितारे आइए, जानते हैं जकार्ता में अपनी प्रतिभा का सिक्का जमाने वाले कुछ सितारों को

सौरभ चौधरी (16 वर्ष) (एयर पिस्टल निशानेबाज); जन्म- कलीना गांव, मेरठ (उत्तर प्रदेश)उपलब्धियां जकार्ता एशियाई खेल -2018 में स्वर्ण2018 जूनियर विश्व कप, सूल (जर्मनी) में स्वर्णयुवा एशियाई निशानेबाजी प्रतियोगिता-2017 (जापान) में स्वर्णयुवा एशियाई निशानेबाजी प्रतियोगिता-2016 (तेहरान) में रजतसौरभ ने वरिष्ठ श्रेणी में पहली बार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेते हुए एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वे एशियाई खेलों के इतिहास में भारत की ओर से स्वर्ण पदक जीतने वाले पांचवें निशाने
राहुल गांधी ने विदेश में किया भारत का अपमान

राहुल गांधी ने विदेश में किया भारत का अपमान

यूरोप में भारत के प्रमुख राजनैतिक दल के मुखिया के नाते राहुल गांधी ने जिस तरह से भारत को अपमानित किया है वह उनकी और उनकी पार्टी की सोच दिखाता है, मजहबी जिहाद के प्रति उनके नरम रुख का परिचायक है
रुपये और पेट्रोल के अर्थशास्त्र की राजनीति

रुपये और पेट्रोल के अर्थशास्त्र की राजनीति

अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर इन दिनों एक साथ दो किस्म की खबरें आ रही हैं। एक खबर तो यह कि भारत की अर्थव्यवस्था विश्व की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था होने की तरफ जा रही है। दूसरी तरफ यह खबर है कि रुपया डॉलर के मुकाबले लगातार गिर रहा है। एक डॉलर के मुकाबले 72 रुपये पचास पैसे मिल रहे हैं, कुछ समय पहले एक डॉलर के बदले 64 रुपये आते थे। तो क्या रुपये की कमजोरी को अर्थव्यवस्था की कमजोरी मान लिया जाये। इस सवाल का जवाब हां नहीं हो सकता, क्योंकि कुछ और आंकड़े भी सामने हैं।
अर्थव्यवस्था में अटल जी का योगदान

अर्थव्यवस्था में अटल जी का योगदान

24 अक्टूबर 1998 को वाजपेयी जी ने FICCI बैठक में कहा, "यह सरकार देश के अलग-अलग क्षेत्रों को जोड़ने के लिए 7,000 किलोमीटर लंबी रोड प्रोजेक्ट की शुरुआत करेगी। इस योजना की शुरुआत इसी साल से कर दी जाएगी।" और इस प्रकार भारत को 'गोल्डेन क्वाड्रिलेटरल' (स्वर्णिम चतुर्भुज) मिला। वाजपेयी जी ने दो महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को लॉन्च किया। इसमें पहली परियोजना गोल्डेन क्वाड्रिलेटरल के जरिए देश के चार महानगरों को जोड़ने के लिए नेशनल हाइवे डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (NHDP) था। दूसरी परियोजना देश के सभी ग्रामीण इलाकों को जोड़ने को
निवेश का राजमार्ग लाएगा रोजगार

निवेश का राजमार्ग लाएगा रोजगार

उत्तर प्रदेश में देश के शीर्ष उद्योगपति बड़ी पूंजी लगाकर कारोबार की शुरुआत करने जा रहे हैं। इससे राज्य के 2,00000 बेरोजगारों को रोजगार मिलने की संभावना है। उम्मीद है कि यह राज्य भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाएगा

गरीबी को पीछे छोड़ आगे बढ़ रहा भारत

गरीबी को पीछे छोड़ आगे बढ़ रहा भारत
भारत गरीबी को पीछे छोड़ आगे बढ़ रहा है। बीते दस वर्षों में भारत भारत में 27 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकलने में कामयाब रहे। । संयुक्त राष्ट्र की संस्था UNDP की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में वित्त वर्ष 2005-06 से 2015-16 के दौरान 27 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकलने में कामयाब रहे। इस इंडेक्स के मुताबिक भारत में गरीबी का प्रतिशत बीते 10 सालों में घटकर आधा हो गया है ।यह रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र के तहत काम करने वाली संस्था संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और ग़रीबी के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था
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पितर पक्ष - पूर्वजों के स्मरण के दिन

पितर पक्ष - पूर्वजों के स्मरण के दिन
 सनातन कैलंडर के सातवें महीने आश्विन महीने का कृष्ण पक्ष पितरों को समर्पित है और पितृ पक्ष के नाम से जाना जाता है। सनातन धर्म में मान्यता है कि पितर लोक से पितर इन दिनों में धरती पर आते हैं वह अपनी संतान से श्राद्ध की आशा लेकर आते हैं । पितर ऋण चुकाने का ये एक सुअवर माना जाता है । पितृ ऋण वैसे तो कोई नहीं चुका सकता । अपने पितरों के कारण ही हम इस पृथ्वी पर आते हैं उन्होनें ने ही हमें ये देह दी है । इन दिनों में लोग अपने पूर्वजों की मृत्यु तिथि के अनुसार श्राद्ध करते हैं। श्राद्ध शब्द श्रद्धा से बना
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भक्त के घर याचक बन कर आए भगवान --- वामन द्वादशी

भक्त के घर याचक बन कर आए भगवान --- वामन द्वादशी
हम प्रतिदिन भगवान से अपने लिए दुनिया का समस्त वैभव ,सुख ,ऐशर्वय, यश और कीर्ति की याचना करते हैं । जीवन में ज़रा सी कुछ कठिनाई आयी नहीं की हम भगवान से प्रार्थना करने लगते हैं । लेकिन ज़रा कल्पना कीजिए यदि भगवान किसी दिन अपने भक्त के घर भिक्षा मांगने आए तो भक्त की क्या प्रतिक्रिया होगी ? वो अभिभूत होगा ? आनंदित होगा?अपना सर्वस्व न्यौछावर कर देगा ?
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बंटवारा और 'सफेद शैतान'

बंटवारा और
फिरंगियों ने बलूच रेजिमेंट का प्रयोग यह जानने के लिए किया था कि मुस्लिम, सिख और हिंदू सैनिक एक साथ काम कर सकते हैं या नहीं। इसके अधिकारियों का चयन बड़ी सावधानी से किया गया था क्योंकि तब भारतीय सेना के रेजिमेंट पंथ, क्षेत्र या जाति के आधार पर ही बनते थे। कुछ ऐसी भी है बंटवारे के दिनों की दास्तान
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जन्म दिवस पर विशेष: हिंदी नवजागरण के प्रतीक भारतेंदु

जन्म दिवस पर विशेष: हिंदी नवजागरण के प्रतीक भारतेंदु
 1857 का प्रथम स्वाधीनता संग्राम बेशक नाकाम रहा, लेकिन वह भारतीय समाज में आधुनिकता की सोच का गवाक्ष भी रहा है। अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ पहली बड़ी बगावत की भारतीय समाज को काफी कीमत चुकानी पड़ी। लाखों लोग मारे गए, लोगों की संपत्ति अंग्रेज सरकार ने जब्ती के नाम पर लूटी। लेकिन इस क्रांति ने भारतीय समाज को पश्चिम से आ रही नई और ठंडी हवा के झोंकों से भी परिचय कराया। इस पर विवाद हो सकता है कि जिसे हम आधुनिकता कहते हैं, वह सचमुच क्या आधुनिकता है? इस सवाल का जिक्र इसलिए कि भारतीयता की जो अवधारणा है, वह अपने कही
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शिकागो की धरती पर विश्व बंधुत्व पर मंथन

शिकागो की धरती पर विश्व बंधुत्व पर मंथन
शिक्षा संस्थानों में शिखर तक पहुंचे भारतीय मूल के शिक्षाविद, वरिष्ठ चिकित्सक, आईटी एवं मैनेजमेंट कर्मी इस ‘कशमकश’ में हैं कि कर्म भूमि से जन्म भूमि तक के सफ़र को कैसे सुहाना बनाया जाए।
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खेल-खेल में विज्ञान सिखा रहे अरविंद

खेल-खेल में  विज्ञान सिखा रहे अरविंद
जिस विज्ञान से बच्चे कुछ ही पल में ऊब जाते हैं, उसी विज्ञान को पुणे के बाल विज्ञान केन्द्र में काम करने वाले अरविंद गुप्ता खिलौनों के जरिए बड़ी अच्छी तरह से समझाते हैं जिसे बच्चे बड़े चाव से ग्रहण करते हैं
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दोनों हाथों से लिखते हैं इस गुरू के छात्र

 दोनों हाथों से लिखते हैं इस गुरू के छात्र
मध्य प्रदेश में सिंगरौली जिले के एक छोटे से गांव बुधेला के वीणा वादिनी पब्लिक स्कूल के बच्चे जब दोनों हाथों से एक साथ लिखते हैं। इसका श्रेय जाता है वीरंगत सिंह को। उन्होंने अपने स्कूल के बच्चों को यह हुनर सिखाया है। हिंदी नहीं अंग्रेजी और संस्कृति में भी उनके बच्चे दोनों हाथों से लिख लेते हैं
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अनोखे साइकिल गुरु आदित्य कुमार

अनोखे साइकिल गुरु आदित्य कुमार
पूरे भारत के बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए साइकिल से यात्रा करने वाले लखनऊ के आदित्य कुमार ने अब तक 20,000 गांवों में कक्षाएं लगाई हैं और लाखों बच्चों में पढ़ने की लगन लगाई है
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वामपंथी आपकी सोच बदल देते हैं, और आपको पता भी नहीं चलता

वामपंथी आपकी सोच बदल देते हैं, और आपको पता भी नहीं चलता
वामपंथी आपको कब अपनी सोच का बना देंगे आपको पता भी नहीं चलेगा। जब मैं अपनी आज से चार पांच साल पुरानी सोच देखता हूं तो मुझे लगता है कि मैं भी एक किस्म का वामपंथी ही था। मेरे भीतर यह वामपंथी सोच कैसे घुसाई गई? जाहिर सी बात है स्कूली किताबों के जरिए, फिल्मों के जरिए। मैं मुर्ति पूजा को ढकोसला मानता था, सारे रीति रिवाज समय की बरबादी लगते थे, जो धार्मिक हैं उनपर हंसी आती थी, सिर्फ इतना ही नहीं मेरे घर पर कोई पूजा पाठ हो तब मैं घर से गायब हो जाया करता था, कहीं घूमने गए तो और रास्ते में मंदिर हुआ तो सब मंदिर जाते थ
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विकास पथ पर बढ़ रहा भारत

विकास पथ पर बढ़ रहा भारत

नोएडा में सैमसंग द्वारा दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल इकाई की स्थापना ‘मेक इन इंडिया’ के तहत सबसे बड़ी उपलब्धि है। 2014 में ‘मेक इन इंडिया’ की घोषणा के बाद अब तक लगभग 40 मोबाइल फोन कंपनियों ने भारत में अपने संयंत्र लगाए हैं

विदेशी चंदे पर पलता पूर्वाग्रही मीडिया

भारतीय मीडिया के चरित्र को लेकर अक्सर चिंता जताई जाती है, लेकिन यह समस्या वास्तव में कितनी गंभीर है। इसका अंदाजा अब लग गया होगा। पुणे में पिछले साल हुई हिंसा की जांच कर रही पुलिस को कुछ तथ्य हाथ लगे, जिसके आधार पर उन्होंने कुछ नक्सली नेताओं को गिरफ्तार किया।

जयपुर में योगाभ्यास शिविर

शिविर में शामिल योग साधक गत 4 सितम्बर को आरोग्य भारती, जयपुर महानगर द्वारा योगाभ्यास शिविर का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में योग साधकों ने भाग लिया। इस अवसर पर आरोग्य भारती की कार्यकारिणी के सदस्य श्री श्रीनिवास मूर्ति, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर के प्रोफेसर कमलेश विद्यार्थी, आरोग्य भारती, जयपुर महानगर के सह संयोजक डॉ. तारकेश्वर शर्मा, डॉ. काशीनाथ सहित अनेक विशिष्ट लोग उपस्थित थे।  

''हमारा काम है छात्रों में क्षमताओं का निर्माण करना'

शिक्षा में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों, डिजिटल इंडिया के तहत शिक्षा में होने वाले सुधारों, संभावनाओं, शिक्षा में नैतिक शिक्षा को शामिल करने जैसे तमाम मुद्दों पर हमने मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से बातचीत की। प्रस्तुत है उनसे हुई बातचीत के प्रमुख अंश:-

सामाजिक समरसता से मजबूत होगा देश

 संगोष्ठी को संबोधित करते श्री देवजी भाई  मंच पर उपस्थित विशिष्टजनगत 19 अगस्त को जोधपुर महानगर स्थित कमला नेहरू नगर के आदर्श विद्या मन्दिर में सामाजिक समरसता पर केंद्रित संगोष्ठी संपन्न हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय मंत्री श्री देवजी भाई उपस्थित थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राष्ट्र का विकास सामाजिक समरसता से ही सम्भव है। इसलिए जातीय भेदभाव समाज पर एक कलंक के समान है। सनातन धर्म में जातीय भेदभाव का कहीं पर भी कोई उल्लेख नहीं मिलता। भगवान श्री राम ने भीलण

पीएम की हत्या की साजिश करने वालों के पकड़े जाने पर क्यों बौखलाया है सेकुलर मीडिया

अभी हाल में प्रधानमंत्री की हत्या का षड़यंत्र रचने के आरोप में कुछ नक्सली पकड़े गए, लेकिन मीडिया का एक बड़ा वर्ग उन्हें 'मानवाधिकार कार्यकर्ता', 'वकील' और 'लेखक' के तौर पर संबोधित कर रहा है। उनके कृत्य को वैचारिक विरोध ठहराया जा रहा है। उन्हें रोकने को 'सरकार की बदले की कार्रवाई' बताया जा रहा है। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज चौहान की गाड़ी पर पथराव किया गया।

मंत्रालयम् में समन्वय बैठक संपन्न

   बैठक के मंच पर हैं ( बाएं से) श्री मोहनराव भागवत, स्वामी सुबूदेंद्र तीर्थ जी और भैयाजी जोशीराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय समन्वय बैठक 31 अगस्त से 2 सितंबर तक मंत्रालयम् (आंध्र प्रदेश) में आयोजित हुई। तुंगभद्रा नदी के किनारे स्थित राघवेंद्र मठ में आयोजित इस बैठक का शुभारंभ सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत, सरकार्यवाह श्री भैयाजी जोशी की उपस्थिति में स्वामी सुबूदेन्द्र तीर्थ जी के आशीर्वचन से हुआ। स्वामी जी ने कहा कि हम सबके प्रयत्नों से हिंदू समाज का जागरण और हिंदू धर्म की पुनर्प्रतिष्ठ

नेरी में ठा. राम सिंह की पुण्यतिथि पर हवन

 हवन करते शोध संस्थान के कार्यकर्ता हिमाचल के नेरी स्थित 'नेरी शोध संस्थान' के संस्थापक स्वर्गीय ठाकुर राम सिंह की 8वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य पर ठाकुर जगदेव चन्द स्मृति शोध संस्थान में पुष्पांजलि अर्पण एवं हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। श्री मंजलसी राम वैरागी द्वारा उनकी स्मृति में 'कर्मयोगी ठाकुर जी' कविता पाठ किया गया। इस अवसर शोध संस्थान के सचिव भूमिदत्त शर्मा, निदेशक प्रेम सिंह भरमौरिया, सुरेंद्र नाथ शर्मा, कोषाध्यक्ष नरेंद्र कुमार नंद, प्यार चंद परमार, ओम प्रकाश शुक्ला, राजेश शर्मा, जमनादास अग्निहोत्

वरिष्ठ प्रचारक रोशनलाल जी का देवलोकगमन

संस्कार एवं राष्ट्रीयता से परिपूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत विद्याभारती (मध्यक्षेत्र) के मार्गदर्शक एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री रोशनलाल सक्सेना का गत 21 अगस्त को भोपाल में निधन हो गया। उल्लेखनीय है कि स्व. रोशन लाल का जन्म 5 अक्तूबर, 1931 को मध्य प्रदेश के सीधी जिले में हुआ था। वर्ष 1954 में गणित एवं सांख्यिकी में एमएससी की उपाधि प्राप्त करके उन्होंने अध्यापन कार्य आरंभ किया। राष्ट्रीय स्वयंसवेक संघ की प्रेरणा से रोशनलाल जी ने 12 फरवरी, 1959 सरस्वती शिशु मंदिर का कार्य प्रारम्भ
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