१९ मे २०१३
           
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पूज्य सुदर्शन कोटि नमन्! "

पूज्य सुदर्शन कोटि नमन्!

तारीख: 9/29/2012 12:56:45 PM

पूज्य सुदर्शन कोटि नमन्!

डा. श्रीकान्त

दिव्य ध्येय के दिव्य पथिक हे! पूज्य सुदर्शन तुम्हें नमन्।

राष्ट्रदेव के हे साधक! लो, जन-मानस का अभिवादन।।

पूज्य सुदर्शन कोटि नमन् ।।

 

थे संकल्पित बचपन से ही, नित शाखा व्रत अपनाया।

घोर विरोधों की धरती पर, पग-पग बढ़ना ही भाया।।

दृढ़ विश्वास भरा था मन में, पावनता से अन्तर-मन।।1।।

पूज्य सुदर्शन कोटि नमन्।।

 

तुम चिन्तक थे शोधक कल्पक, सृजक संगठक भाव अमर।

केशव-माधव की ज्योति लिए, मधुकर का चैतन्य प्रखर।।

भाव-भावना रज्जू भैया, परम्परा का नव-मन्थन।।2।।

पूज्य सुदर्शन कोटि नमन्।।

 

पर्यावरण-प्रकृति के ऊपर, अद्भुत- अभिनव किया मनन।

हिन्दुत्व-स्वदेशी इन विषयों पर, किया सिंह जैसा गर्जन।।

ऊर्जा के वैकल्पिक साधन, विकसित करने का चिन्तन।।3।।

पूज्य सुदर्शन कोटि नमन्।।

 

आज तुम्हारे भौतिक तन का, पुन: नहीं दर्शन होगा।

किन्तु करोड़ों उर-अन्तर में, अमर चित्र पावन होगा।।

श्रद्धाञ्जलि प्रेरणा पुरुष! अब कोटि नमन्, कोटि-कोटि नमन्।।44।।

पूज्य सुदर्शन कोटि नमन्।।


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