महिलाएं पुरुषों से कमतर नहीं
   दिनांक 10-अक्तूबर-2018
 
संगम को संबोधित करते श्री मोहन भागवत 
गत 29 सितंबर को जयपुर के इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान में मातृशक्ति संगम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहन भागवत। मातृ शक्ति को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय विचार परंपरा में पुरुष और स्त्री को एक-दूसरे का पूरक माना गया है। स्त्रियों में भिन्न-भिन्न कायोंर् को साथ-साथ कर पाने की नैसर्गिक क्षमता होती है। तो वहीं पुरुष अपनी आजीविका के माध्यम से परिवार को चलाने और उसे सुरक्षा प्रदान करने का काम करते हैं, तो महिलाएं इन कायोंर् के साथ-साथ संतान को अपनी वात्सल्यता से योग्य बनाने और परिवार को एक बनाए रखने की जिम्मेदारी का कुशलता से निर्वहन करती हैं। महिलाएं पुरुषों से किसी भी तरह कमतर नहीं हैं, अपितु जो कार्य पुरुषों के लिए सम्भव नहीं हैं, वह कार्य भी महिला करने में समर्थ है। इसलिए मातृशक्ति के सहयोग के बिना देश की उन्नति संभव नहीं है। श्री भागवत ने कहा कि संघ में व्यक्ति नहीं, परिवार जुड़ता है। महिलाओं के सहयोग के बिना पुरुषों के लिए संघ कार्य को पर्याप्त समय देना सम्भव नहीं है। संघ में व्यापक तौर पर सेवा, संपर्क, कुटुंब प्रबोधन आदि में भी मातृशक्ति सहयोग कर रही है।