‘‘अपनत्व की संवेदना से सेवा कार्य को सर्वव्यापी करें’’
   दिनांक 16-अक्तूबर-2018
 
समारोह को संबोधित करते श्री मोहन भागवत  
‘‘दिव्यांगों की सेवा का कार्य बहुत कठिन है। दिव्यांग हमारे मध्य आज से नहीं हैं, समाज में सदैव से रहे हैं, बस संवेदनहीनता के कारण इस क्षेत्र में सेवा कार्य हेतु प्रयास कम हो गए थे। दिव्यांगों को करुणा की आवश्यकता नहीं है, उन्हें आवश्यकता है आत्मीयतापूर्ण अपनत्व एवं सहयोग की। हम अपनत्व की संवेदना से अपने सेवा कार्य को सर्वव्यापी करें, यही सच्ची सेवा है।’’ उक्त बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहन भागवत ने कही। वे गत दिनों जयपुर में आयोजित सक्षम के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन के समापन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि समाज में पुनरुत्थान का दौर चल रहा है। दिव्यांगता के सभी क्षेत्रों में अखिल भारतीय स्तर पर प्रयासों की आवश्यकता थी। सक्षम ने मात्र 10 वर्षों के प्रयासों से सम्पूर्ण भारत में यह व्यवस्था खड़ी कर ली है। इसके लिए सभी कार्यकर्ता साधुवाद के पात्र हैं। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित केन्द्रीय सामाजिक अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गहलोत ने केन्द्र सरकार द्वारा दिव्यांगता के क्षेत्र में किए गए कार्यों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। इस मौके पर सक्षम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ़ दयाल सिंह पंवार एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान के मंत्री डॉ़ अरुण चतुर्वेदी भी उपस्थित रहे।