नन से दुष्कर्म मामले में गवाह बिशप कुरिआकोस की संदिग्ध मौत
   दिनांक 22-अक्तूबर-2018

  दुष्कर्म के विरोध में प्रदर्शन करती नन
केरल की एक नन से दुष्कर्म के मामले में मुख्य गवाह बिशप कुरिआकोस कट्टुथरा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह सोमवार सुबह सेंट पॉल चर्च में संदिग्ध हालात में मृत पाए गए। वह बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ दुष्कर्म के मामले में प्रमुख गवाह थे। 62 साल के कट्टुथारा अक्सर इसी चर्च में रहते थे। परिवार वालों के मुताबिक, उन्हें धमकियां मिल रही थीं। उनके परिजनों का आरोप है कि इसके तार नन दुष्कर्म के मामले से जुड़े हुए हैं, ऐसे में मामले की गहराई से पड़ताल की जानी चाहिए। कुरियाकोस रविवार रात को अपने कमरे में सोए हुए थे, लेकिन सोमवार सुबह जब वह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकले तो आशंकित स्टाफ ने कमरे में जाकर देखा ताे वह बेड पर पड़े थे।  आनन-फानन में एंबुलेंस की मदद से उन्हें अस्पताल में पहुंचाया गया, जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद इसकी जानकारी दसूहा पुलिस को दी गई।
 
                                                                                                                                                                    
                                        जेल से जमानत पर छूटने के बाद आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल प्रसन्न मुद्रा में
डीएसपी एआर शर्मा का कहना है कि हमें कुरिआकोस के बिस्तर पर ब्लड प्रेशर की गोलियां और उल्टी मिली है। हालांकि शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिले हैं। फोरेंसिक टीम हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। हमारी जानकारी में उन्हें किसी तरह की सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई थी।’’
उल्लेखनीय है कि जालंधर डायोसिस के पूर्व बिशप फ्रैंको मुलक्कल पर केरल की एक नन ने 2014 से 2016 के बीच 14 बार दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया था। ननों ने फ्रैंकों मुलक्कल की गिरफ्तारी के लिए प्रदर्शन भी किया था। केरल की वामपंथी सरकार शुरू में उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही थी बाद में ननों के प्रदर्शन व विभिन्न संगठनों द्वारा दबाव बनाए जाने के बाद उन्हें 21 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद केरल हाईकोर्ट से उन्हें सशर्त जमानत दे दी गई। जमानत मिलने के बाद वह पिछले बुधवार को ही जालंधर पहुंचे थे। वहां उनका जोरदार स्वागत किया गया था। कोर्ट ने शर्त रखी है कि फ्रैंको जांच अधिकारियों के तलब करने पर ही केरल जाएंगे। उन्हें अपना पासपोर्ट जमा कराने का निर्देश भी दिया गया था।