स्वामी अय्यप्पा के भक्तों में बढ़ता क्रोध
   दिनांक 24-अक्तूबर-2018


जंतर-मंतर पर एकत्र केरल से आर्इं महिलाएं
सबरीमला पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को लेकर जनाक्रोश निरंतर बढ़ता जा रहा है। विशेषकर केरल सरकार के खिलाफ। केरल सरकार ने जिस प्रकार जनभावनाओं को दरकिनार किया, उसके कारण केरल से दिल्ली तक भक्तों का रोष बढ़ा है। न्यायालय ने जिनके हक में निर्णय दिया वे महिलाएं ही इतनी संख्या में सड़कों पर उतर आएंगी, ऐसी अपेक्षा शायद किसी को नहीं थी। केरल से दिल्ली तक धरना प्रदर्शन, रैली में महिलाएं सबसे आगे हैं। इसी संबंध में केरल से उठा जन आक्रोश का ज्वार विभिन्न प्रांतों से होता हुआ 7 अक्तूबर को दिल्ली पहुंचा। भक्तों ने यहां सांकेतिक प्रदर्शन के बाद जंतर मंतर पर केरल सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया। स्वामी अय्यप्पा के भक्तों का आरोप है कि केरल सरकार ने जनभावनाओं का ध्यान नहीं रखा। इसी कारण सदियों से चली आ रही परंपरा को लेकर केरल सरकार ने न्यायालय में भी पक्ष सही ढंग से नहीं रखा। न्यायालय के निर्णय के पश्चात भी भक्तों की भावनाओं को दरकिनार कर दिया गया और निर्णय को लेकर पुनर्विचार याचिका दायर करने के स्थान पर निर्णय को लागू करने में जल्दबाजी की गई। स्वामी अय्यप्पा के भक्तों की मांग है कि केरल सरकार जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सर्वोच्च न्यायालय में जल्द से जल्द पुनर्विचार याचिका दायर करे।