‘‘सेवा और त्याग ही भारतीय संस्कृति का मूल’’
   दिनांक 24-अक्तूबर-2018

पिछले दिनों सेवा फाउंडेशन, देवघर की ओर से चाणक्य नाटक के मंचन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण का केन्द्र थे प्रसिद्ध अभिनेता एवं पद्मश्री मनोज जोशी। नाटक के मंचन के बाद उन्होंने कहा कि चाणक्य एक पात्र नहीं, विचार है, महासागर है, आंदोलन है, मिशन है। समाज को एकसूत्र में बांधना- नाटक का विषय है। आज से 2400 साल पहले एक शिक्षक चाणक्य ने राष्ट्र को एक सूत्र में बांधने की नींव रखी और पूरे मगध को एक प्रशासन के नीचे ले आए। आज भी ऐसे व्यक्ति और विचार की जरूरत है। (विसंकें, रांची)