‘सामाजिक कार्य से ही होगा समाज में परिवर्तन’
   दिनांक 24-अक्तूबर-2018

दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते श्री भैयाजी जोशी
‘‘सामाजिक क्षेत्र, धार्मिक क्षेत्र, आर्थिक क्षेत्र, शिक्षा और सत्ता, ये पांच बातें जब समाज में एक साथ चलती हैं, तभी समाज का परिवर्तन और उत्थान होता है। समाज में मूल्य, नैतिकता आवश्यक है और यह काम संस्थाओं पर निर्भर है। ऐसा मूल्यवान काम भारत विकास परिषद करती आई है।’’ उक्त बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह श्री भैयाजी जोशी ने कही। वे गत दिनों मुंबई के दादर में स्वातंत्र्यवीर सावरकर स्मारक में भारत विकास परिषद और समस्त महाजन संस्था द्वारा आयोजित ‘राष्ट्र निर्माण में समृद्ध वर्ग की रचनात्मक भूमिका’ विषय पर बोल रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि समाज में जागरण, दायित्व, कर्तव्य जैसी व्यवस्थाएं हों तो उस समाज को कोई चुनौती नहीं दे सकता। समाज का मार्गदर्शन करने के लिए साधक होने चाहिये। हमें अपनी क्षमता, ज्ञान, अध्ययन का सदुपयोग करना चाहिये। सामाजिक क्षेत्र, धार्मिक क्षेत्र, आर्थिक क्षेत्र, शिक्षा और सत्ता इन क्षेत्रों में से किसी एक भी क्षेत्र में अगर गड़बड़ होती है तो समाज का अध:पतन होता है। हर एक क्षेत्र को सुयोग्य स्थिति में रखने के लिए उसका नेतृत्व उस क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत है। जब इन क्षेत्रों का सदुपयोग हुआ, तब हमने प्रगति की तथा जब इन व्यवस्थाओं का दुरुपयोग किया गया, तब हम पीछे चले गए।
उन्होंने कहा कि सामाजिक क्षेत्र को देखा जाए तो वह सबको मिलाकर समाज बनता है। समाज में तैयार हो रही संकुचित वृत्ति और मतभिन्नता वेदनादायक है। हमारी भाषा, जात, धर्म के आधार पर हम भले अलग हों, फिर भी हमारी विचारधारा एक है, यह जान लेना चाहिए। हमारी नाल एक-दूसरे के साथ जुड़ी हुई हैं।