''अयोध्या का सच सामने लाना जरूरी'
   दिनांक 03-अक्तूबर-2018
 
पुस्तक लोकार्पित करते श्री मोहनराव भागवत। साथ में (बाएं से) अमित शाह, राजनाथ सिंह एवं हेमंत शर्मा 
गत 20 सितम्बर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत ने वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा की अयोध्या पर लिखित दो पुस्तकों का दिल्ली के डॉ़ आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में लोकार्पण किया। केंद्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने इस आयोजन की अध्यक्षता की। मुख्य अतिथि थे भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह। 'युद्ध में अयोध्या' और 'अयोध्या का चश्मदीद' शीर्षक से इन दोनों किताबों को प्रभात प्रकाशन ने प्रकाशित किया है।
इस अवसर पर श्री मोहनराव भागवत ने कहा कि ढांचा किसने तोड़ा, कौन उसका जिम्मेदार है, इसकी बहस तो चलती रहेगी, क्योंकि यह राजनीति का हिस्सा है पर सच को सामने लाना जरूरी है। श्री राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर कहा कि लेखक ने 80 के दशक के बाद के वषोंर् से लेकर ढांचा ध्वंस तक अयोध्या की विस्तृत कवरेज की है। लेखक ने रिपोटिंर्ग के दौरान अयोध्या का डेढ़ सौ से भी ज्यादा बार दौरा किया। अयोध्या के अलावा हेमंत शर्मा की तमाम राजनीतिक खबरें भी चर्चा के केंद्र में रही हैं। श्री अमित शाह ने राम जन्मभूमि आंदोलन को स्वतंत्रता के बाद देश का सबसे बड़ा आंदोलन बताया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए हुए आंदोलन ने समाज के सभी वगोंर् को छूआ था। पुस्तक के संदर्भ में उन्होंने कहा कि अयोध्या से सम्बंधित पांच नहीं, छह घटनाएं हैं। छठी घटना है- विवादित ढांचे का टूटना, वहीं से यह संघर्ष शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि छह सदी पहले अयोध्या में मंदिर के ध्वस्त होने के बाद से ही जन आंदोलन चल रहा था और यह तब तक जारी रहेगा, जब तक संस्कृति की जीत नहीं हो जाती।