ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' में भारत की छलांग, कारोबार करना हुआ और आसान
   दिनांक 01-नवंबर-2018
 
आज से एक साल पहले जारी इस रैंकिंग में भारत 100वें स्थान पर था लेकिन बुधवार को विश्व बैंक ने भारत को 77वां स्थान दिया है। इस रैंक से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मोदी सरकार की नीतियों के चलते भारत में कारोबार करना आसान हुआ है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैकिंग में भारत ने लगातार दूसरे साल लंबी छलांग लगाई है। विश्व बैंक की ओर से जारी हुई सूची में भारत की स्थिति पिछले साल के मुकाबले 23 पायदान सुधरी है। भारत ने ईज आॅफ डूइंग में 77 स्थान प्राप्त किया है जबकि भारत पिछले साल 100वें स्थान पर रहा था। पिछले दो सालों में भारत की रैकिंग में कुल 53 पायदान का सुधार आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत को अधिक विदेशी निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
क्या है ईज ऑफ डूइंग बिजनेस इंडेक्स ?
यह इंडेक्स विश्व बैंक द्वारा जारी किया जाता है। इसमें कई अलग-अलग पैमाने देखे जाते है इसके बाद सभी पैमानों को मिलाकर यह तय किया जाता है कि उस देश में कारोबार करने में लोगों को कितनी आसानी है। कारोबार में आने वाली अड़चनों के बारे में विश्लेषण किया जाता है इसके बाद इंडेक्स जारी किया जाता है।
 
किस आधार पर होता है फैसला ?
अलग-अलग देशों में कारोबार की सुगमता के आधार पर यह इंडेक्स तैयार होता है। रेग्युलेशन की स्थिति प्रमुखता से देखी जाती है। सरकारी रेग्युलेशन के चलते कारोबार आसान हुआ है या मुश्किल, इस पर गंभीरता से विचार किया जाता है। और भी कई फैक्टर हैं जिनको ध्यान में रखते हुए यह इंडेक्स तैयार होता है। इनमें प्रमुख हैं-कंस्ट्रक्शन परमिट, रजिस्ट्रेशन, लोन और टैक्स पेमेंट की मशीनरी. इन्हीं आधारों को ध्यान में रखकर देशों को इज ऑफ डूइंग बिजनेस इंडेक्स में स्थान जारी किया जाता है।
अभी और सुधार की जरूरत
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रैकिंग की घोषणा के दौरान मीडिया से कहा कि जब केंद्र में मोदी सरकार बनी तो हम 142वें स्थान पर थे। पीएम ने टॉप 50 में पहुंचने का लक्ष्य रखा है। पिछले चार साल में देश की कारोबार सुगमता रैंकिंग 67 अंक बेहतर हुई। उन्होंने कहा कि 'कारोबार की शुरुआत'सहित कुछ इंडिकेटर में अभी सुधार की जरूरत है। वित्त मंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार ने भ्रष्टाचार और लालफीताशाही को खत्म किया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने इसे देश के लिए दिवाली का तोहफा बताया और कहा कि सरकार रैंकिंग में सुधार के लिए और प्रयास करेगी।