‘‘ देश की कोई ताकत मंदिर बनने से नहीं रोक सकती ’’
   दिनांक 27-नवंबर-2018

कार्यक्रम को संबोधित करते डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी
गत 17 नवंबर को अरुंधति वशिष्ठ अनुसंधान पीठ, प्रयागराज द्वारा विश्व हिन्दू परिषद के संरक्षक रहे स्व. अशोक सिंहल की पुण्यतिथि पर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी के स्वतंत्रता भवन में ‘श्रद्धेय अशोक सिंहल स्मृति व्याख्यान’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता थे राज्यसभा सांसद व अरुंधति वशिष्ठ अनुसंधान पीठ के अध्यक्ष डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हमारा देश ऐतिहासिक मोड़ पर है जो राष्ट्र निर्माण का मोड़ है। राम राष्ट्रीय भगवान हैं। इसलिए देश की कोई ताकत मंदिर बनने से नहीं रोक सकती।
उन्होंने कहा आधा काम सर्वोच्च न्यायालय ने कर दिया है। उसने यह मान लिया कि मस्जिद इस्लाम का हिस्सा नहीं है, जबकि हमारे मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की जाती है और प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर सदा मंदिर ही रहता है। पुरातत्व विभाग भी इस बात को बता चुका है कि जहां ढांचा था वहां पर पहले विशाल मंदिर था। अंत में उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर मंदिर बनाएंगे, क्योंकि राम की लीला है कि जैसे राम सेतु बचा वैसे ही मंदिर बनेगा, विश्वास रखिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष श्री चंपत राय ने कहा कि मंदिर हिंदुस्थान के लोगों के लिए सम्मान का विषय है। यह मात्र 12 हजार वर्ग फीट जमीन का विवाद नहीं है।