सेवा ही जिनका धर्म
   दिनांक 05-नवंबर-2018

नई दिल्ली के ग्रेटर कैलाश इलाके में रहने वाले डॉ. कृष्ण कुमार अग्रवाल भारत के जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ हैं। वे पूरे देश-दुनिया में डॉ. के. के़ अग्रवाल के नाम से प्रसिद्ध हैं और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। डॉ़ अग्रवाल लंबे समय से उन हृदय रोगियों की नि:शुल्क सेवा कर रहे हैं, जो अपना इलाज नहीं करा सकते। लगभग 35 साल में वे 300 रोगियों का नि:शुल्क ऑपरेशन करवा चुके हैं और करीब 1,000 रोगियों का इलाज। यानी हर वर्ष वे आठ मरीजों का ऑपरेशन करवाते हैं। समय, स्थान और परिस्थिति को देखते हुए वे ऑपरेशन वाले रोगियों को दिल्ली और गुरुग्राम के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती करवाते हैं। ऑपरेशन में जो भी खर्च होता है, उसका इंतजाम वे 'हार्ट केयर फाउण्डेशन ऑफ इंडिया' के जरिए करते हैं। इस संस्था के बैनर तले उन्होंने दूसरे हृदय रोग विशेषज्ञों को अपने साथ जोड़ा है।
डॉ़ अग्रवाल और उनके साथी समय-समय पर स्वास्थ्य मेला भी आयोजित करते हैं। मेेले में लोगों को विभिन्न रोगों की जानकारी और उससे बचाव के उपाय बताए जाते हैं। यदि किसी रोगी को चिकित्सा से संबंधित किसी कार्य के लिए कानूनी सलाह की जरूरत होती है तो उसे भी डॉ़ अग्रवाल पूरी करने की कोशिश करते हैं। डॉ़ अग्रवाल ने सेवाग्राम, वर्धा से एम़ बी़ बी.एस़ और एम़ डी़ तक की पढ़ाई की है। वे कहते हैं, ''सेवाग्राम का माहौल ही ऐसा है कि वहां रहने वाला कोई भी व्यक्ति सेवा को अपना धर्म मान लेता है।''
उल्लेखनीय है कि सेवाग्राम में रहने वाले किसी भी व्यक्ति को अपने काम स्वयं ही करने पड़ते हैं। वहां सफाई कर्मचारी तक नहीं होते। इसलिए वहां रहने वाले लोग साफ-सफाई से लेकर हर काम स्वयं करते हैं। यहां तक कि अपने जूठे बर्तन भी खुद ही धोते हैं। हर कोई खादी वस्त्र ही पहनता है। यह सब व्यक्ति के अंदर सेवा की भावना और देशप्रेम को बढ़ाने के लिए किया जाता है।
डॉ़ अग्रवाल वहां मिली शिक्षा के अनुरूप 1983 से दिल्ली में कार्य कर रहे हैं। जीविका के लिए तो वे चिकित्सकीय कार्य करते हैं। जो साधन-संपन्न हैं उनसे तो वे शुल्क लेते हैं, पर जो गरीब हैं, उन्हें अपनी सेवाएं नि:शुल्क देते हैं। इन सेवाओं के लिए डॉ़ अग्रवाल को पद्मश्री सम्मान मिल चुका है। उनका मानना है कि एक चिकित्सक को कभी यह नहीं भूलना चाहिए कि समाज ने उसको भगवान का स्थान दे रखा है। इसलिए उसका सबसे बड़ा काम है समाज की सेवा करना।