बह रही सेवा की 'गंगा': सब्जीवाला डॉक्टर बुलाते हैं लोग
   दिनांक 05-नवंबर-2018

डॉ. नागेन्द्र सिंह , जमशेदपुर
जमशेदपुर के मानगो स्थित गंगा मेमोरियल अस्पताल में जो भी रोगी आता है उसका हर हाल में इलाज होता है, चाहे उसके पास पैसा हो या नहीं। इसके संचालक हैं प्रख्यात सर्जन डॉ. नागेन्द्र सिंह। उन्होंने अपनी मां की स्मृति में इस अस्पताल का निर्माण कराया है। इसमें झारखंड ही नहीं, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार से भी मरीज आते हैं। वे प्रतिदिन अनगिनत गरीब मरीजों का नि:शुल्क इलाज करते हैं और जरूरत होने पर ऑपरेशन भी करते हैं। जमशेदपुर के आसपास के गांवों से आने वाले रोगी उनके लिए अपने खेत की सब्जी, चावल, मुरमुरा यानी जिसके पास जो भी होता है, वही लेकर आ जाते हैं और कृतज्ञता-स्वरूपउन्हें भेंट करते हैं।
दरअसल, इस तरह के मरीजों से वे शुल्क नहीं लेते, पर ग्रामीण भी मुफ्त में कुछ लेना नहीं चाहते हैं। इसलिए वे डॉ. नागेन्द्र के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए घरेलू चीजेंे, जिनमें सब्जियां अधिक होती हैं, ले आते हैं। इस कारण वे 'सब्जी वाले डॉक्टर' के नाम से भी प्रसिद्ध हैं। डॉ. नागेन्द्र उन सब्जियों को अस्पताल में आने वाले गरीबों को ही बांट देते हैं।
गरीबों की सेवा करने की प्रेरणा उन्हें अपनी मां गंगा देवी से मिली। बात उन दिनों की है जब डॉ. नागेन्द्र ने घाटशिला में एक नर्सिंग होम शुरू किया। अक्सर उनकी मां वहां आतीं और मरीजों से मिलतीं। मरीज उनसे हर तरह की बातें बताते। कई दिनों तक मरीजों से बात करने के बाद उन्हें लगा कि इनकी मदद जरूर होनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने एक दिन बेटे से कहा कि मरीज से पहले पैसा मत लेना। पहले उनका इलाज करो। बाद में यदि वह दे दे तो ठीक है, वरना पैसे के लिए किसी को तंग मत करना। मां की उस बात को वे अभी तक नहीं भूले हैं। बाद में उन्होंने अपनी मां के नाम से जमशेदपुर में अस्पताल बनवाया। अस्पताल में जो भी मरीज आता है, उससे पहले पैसे की मांग नहीं की जाती। यही कारण है कि 72 शैया वाले इस अस्पताल में हमेशा मरीजों की भीड़ लगी रहती है। अस्पताल में सभी आधुनिक सुविधाएं हैं। जमशेदपुर में अस्पताल बनवाने से पहले वे सरकारी सेवा में थे। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर वे अपने स्तर से लोगों की सेवा कर रहे हैं। वे कहते हैं, ''गरीबों के आंसू पोंछने के बाद एहसास होता है कि जीवन में कुछ किया। ईश्वर जब तक चाहेगा, तब तक गरीबों की सेवा करता रहूंगा।'' ईश्वर उनकी यह इच्छा पूरी करे और सेवा की यह गंगा लंबे समय तक बहती रहे।