दो रुपए में इलाज करते डॉ. दंपति
   दिनांक 05-नवंबर-2018

हमारे समाज में आज भी ऐसे लोग हैं जो गरीबों के लिए अपना सबकुछ न्योछावर करने में रत हैं। डॉ़ स्मिता कोल्हे और रविन्द्र कोल्हे इन्हीं में से एक, जो महाराष्ट्र स्थित मेलघाट के गांव बैरागढ़ में वनवासियों की सेवा में लगे हैं। उन्हें बिना किसी स्वार्थ के सिर्फ 2 रुपये में गरीबों का इलाज करने का श्रेय है। महाराष्ट्र के शेगांव में जन्मे डॉ. रविंद्र कोल्हे ने 1985 में नागपुर मेडिकल कॉलेज से डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी की। चिकित्सा कार्य के दौरान उन्होंने चिकित्सा सेवा के बारे में जाना, जिसके बाद डॉ. कोल्हे ने फैसला किया कि वह अपनी सेवाओं को किसी ऐसी जगह पर देना चाहेंगे जहां लोगों को चिकित्सा की जरूरत है।
इसके लिए उन्होंने इस एक छोटे-से गांव को चुना। ज्ञातव्य है कि मेलघाट महाराष्ट्र के कुपोषित क्षेत्रों में शीर्ष पर है। जब ड़ॉ कोल्हे ने 1989 में यहां के गरीब वनवासियों को अपनी सेवाएं देनी शुरू की थीं, तो उस समय इस क्षेत्र में शिशु मृत्यु दर का आंकड़ा 200 प्रति 1000 शिशुओं का था, लेकिन इस आज डॉ़ दंपति के प्रयासों से लोगों में आयी चिकित्सा जागरूकता के कारण यह आंकड़ा 60 से भी नीचे आ गया है। कोल्हे दंपति यहां पिछले तीन दशकों से काम कर रहे हैं। वे वहां पर चिकित्सा सलाह के लिए सिर्फ 2 रुपये लेते हैं। इस पूरे काम में डॉ़ स्मिता की महती भूमिका है। वे स्वयं मेडिकल स्नातक हैं और बाल रोग विशेषज्ञ भी हैं। वे डॉ. कोल्हे के साथ वनवासी क्षेत्र के लोगों का इलाज करके उनकी पूरी मदद करती हैं। इसके अलावा पति-पत्नी इलाके के लोगों को चिकित्सा परामर्श के साथ ही बच्चों की उचित शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में उचित सलाह देने का काम भी करते है। उनका एक बेटा भी उनके काम में सहयोग करता है। वह गांव में तकनीक से जुड़ी कृषि को बढ़ावा देता है और किसानों को कम लागत से ज्यादा मुनाफा हो, इसके प्रति जागरूक करता है। इस काम में उनके साथ कुछ युवा भी जुड़े हुए हैं। डॉ. स्मिता कोल्हे कहती हैं कि आज के समय चिकित्सा एक पेशा बन चुका है, जबकि असल में यह सेवाकार्य है। इस कार्य के जरिए कोई भी चिकित्सक किसी का दुख बांट सकता है और बदले में उसे खुशी दे सकता है। इसलिए मैं देश के चिकित्सकों से अपील करती हूं कि वे जितना भी संभव हो सके। समाज के सुधार के लिए काम करें, क्योंकि जीवन की सबसे बड़ी संतुष्टि, दूसरे के जीवन को खुशियों से भरने में है।