काशी में शुरू हुआ पर्यावरण कुम्भ
   दिनांक 01-दिसंबर-2018

प्रदूषण की वैश्विक समस्याओं को एक वैचारिक माहौल बनाने के लिए काशी विद्यापीठ के प्रांगण में शनिवार से पर्यावरण कुंभ का आगाज हुआ। इसका शुभारंभ सुबह प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहसरकार्यवाह श्री सुरेश सोनी, उत्तरप्रदेश खेलकूद न्याय एवं विधि राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी ने किया. इस कुंभ में पर्यावरण से संबंधित 3200 विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं .
काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. टी एन सिंह ने बताया कि 4.30 बजे पर्यावरण व भारतीय जीवन शैली पर आयोजित पहले सत्र का आगाज होगा। संस्कृति संध्या का आयोजन 6.30 बजे से प्रारंभ होगा। वहीं दूसरा सत्र अगले दिन सुबह 9.30 बजे उपभोक्ता व पर्यावरण की चुनौतियां विषय पर संगोष्ठी के साथ होगा। पूर्वाह्न 11.30 बजे कृषि व पर्यावरण विषय पर विशेषज्ञ विचार व्यक्त करेंगे। चौथा सत्र अपराह्न दो बजे से शुरू होगा जो ऊर्जा व जल विषय पर आधारित होगा। कुंभ का समापन दो दिसंबर को अपराह्न चार बजे होगा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. एसपी गौतम, जनरल इंडियन मेट्रोलॉजिकल डिविजन के पूर्व निदेशक डा एसएल राठौर, हेड आफ हेल्थ कम्युनिटी डेवलपमेंट के डा. पुनीत मिश्र, डा. गजानन डांगे, प्रो. आइआइटी मुंबई से सिरीश केदारे, गौतम बुद्ध विवि के कुलपति प्रो. बीपी शर्मा, पर्यावरण विशेषज्ञ सुरेश सोनी, कृषि विज्ञान विशेषज्ञ व बीएचयू के पूर्व कुलपति डा. पंजाब सिंह व एग्रीकल्चर रिसर्च के डायरेक्टर जनरल कल्लू गौतम शामिल होंगे।
प्रो. टीएन सिंह ने कहा कि पर्यावरण कुंभ के आयोजन का मुख्य मकसद चुनौतियों का समाधान है। इसमें कार्बन, पेजयल संकट, उर्वरा शक्ति पर संकट, वायु व जल के प्रदूषण सहित भूमिगत जल में आयी गिरावट पर गहन चर्चा की जाएगी। कहा कि इस वैचारिक संगम में समस्याओं के निदान पर सहमति बनायी जाएगी। पूरी कोशिश होगी कि विकास में ही पर्यावरण समृद्धि की तलाश की जाए। विकास ऐसा न हो कि भविष्य संकट में आ जाए।