‘‘सारे भेद भुलाकर संगठित रहेंगे तो ही शक्तिशाली बनेंगे’’
   दिनांक 13-दिसंबर-2018

 
स्वयंसेवकों को संबोधित करते श्री भैयाजी जोशी। मंच पर विराजमान विशिष्ट अतिथि
गत दिनों उत्तर प्रदेश के आगरा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों का एकत्रीकरण हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह श्री भैयाजी जोशी उपस्थित थे। इस अवसर पर स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि संघ की स्थापना के समय डॉ़ हेडगेवार ने कहा था कि यदि वामपंथी या मुस्लिम नहीं भी होते तो भी संघ की स्थापना मैं अवश्य करता। उन्होंने कहा कि हिन्दू का शक्तिशाली होना किसी की प्रतिक्रिया स्वरूप नहीं है, वरन् इसलिए है कि हम सशक्त रहेंगे तो हिम्मत के साथ खड़े रहेंगे और हिन्दू समाज को सामर्थ्यवान बनाने में जो बाधाएं आएंगी, उन्हें दूर कर सकेंगे। जातिभेद, भाषा या प्रांत भेद ऐसी बाधाएं हैं। जिन्हें दूर करना है। जब हम नदी में स्नान करते हैं, धार्मिक ग्रंथ पढ़ते हैं तो क्या वह किसी जाति के हैं? यदि हम अपने को जाति-भाषा भेद में विभाजित करेंगे तो हम 100 करोड़ नहीं हैं। हमारा सभी कुछ एक है तो जातीय संकुचितता कहां से आई? इस सब से ऊपर उठकर यदि एक बनेंगे, संगठित रहेंगे तो ही शक्तिशाली बनेंगे।
उन्होंने कहा कि जीवन में संस्कारों की आवश्यकता है, जैसे वाणी में मधुरता। संगठित होने के बाद संस्कार और केवल संस्कार ही नहीं, इसके लिए सज्जन बनना और उसके बाद विवेकशील बनना आवश्यक है। क्योंकि आज सज्जन शक्ति बड़ी मात्रा में निष्क्रिय हैं, ऐसी सज्जन शक्ति को मूक साक्षी बनकर नहीं रहना, तो ही समाज ठीक रहेगा। इस अवसर पर प्रांत संघचालक श्री जगदीश, क्षेत्र कार्यवाह श्री शशिकांत सहित अन्य विशिष्टजन उपस्थित रहे।