उम्मीदों को लगे पंख
   दिनांक ०५-मार्च-२०१८

 

दो दिवसीय निवेशक सम्मेलन के दौरान 1045 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए, जिससे 4.28 लाख करोड़ रुपये का निवेश आएगा। इन समझौतों को अमली जामा पहनाने का काम शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता 40 लाख् ा युवाओं को रोजगार मुहैया कराना है

ॠत्तर प्रदेश में 21-22 फरवरी को आयोजित निवेशक सम्मेलन (इन्वेस्टर्स समिट) बेहद सफल रहा। इसमें देश के बड़े-बड़े उद्योगपति शामिल हुए और उम्मीद से काफी अधिक निवेश आया। इस सम्मेलन से तीन दिन पहले योगी आदित्यनाथ की सरकार ने अपना पहला बजट पेश किया था। यह बजट 4,28,384 करोड़ रुपये का था। बजट के चौथे ही दिन जब निवेशक सम्मेलन का उद्घाटन हुआ तो राज्य में 4.48 करोड़ रुपये का निवेश आ गया। यह सफलता उस रणनीति का परिणाम है, जिसकी तैयारी कई महीनों से की जा रही थी। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए देश के प्रमुख शहरों में रोड शो किए गए, जिसमें मुख्यमंत्री के अलावा कैबिनेट मंत्री और अधिकारी भी शामिल थे।

यह बड़ी सफलता इसलिए है, क्योंकि उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू राज्य’ की श्रेणी से निकालने के लिए सरकार ने भारी-भरकम बजट पेश किया और सम्मेलन से उतनी ही राशि का निवेश मिल गया। हालांकि पूर्व में निवेशक सम्मेलन के माध्यम से प्रदेश को एक लाख करोड़ रुपये का निवेश मिलने का अनुमान लगाया गया था। इस आयोजन के पीछे राज्य सरकार की सोच यह थी कि बड़े पैमाने पर निवेश आने के साथ सूबे में बड़े उद्योग, कारखाने  लगें, ताकि युवाओं को रोजगार मिले। सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश में अपार संभावनाएं हैं। मुरादाबाद का पीतल, फिरोजाबाद का कांच, बनारस में जरी और लखनऊ का आम पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। सूबे में आलू और सब्जी का रिकॉर्ड उत्पादन हो रहा है, पर इसके आगे क्या है? महाराष्ट्र सरकार ने अपने यहां दस खरब डॉलर के निवेश का लक्ष्य रखा है। मैं चाहता हूं कि राज्य आपस में प्रतिस्पर्धा करें ताकि अधिक से अधिक निवेश लाया जा सके। उत्तर प्रदेश भी इस प्रतिस्पर्धा में शामिल हो।’’
40 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार
राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, सम्मेलन में 1045 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए जिसके जरिये 4.28 लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसके अलावा, उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री ने राज्य को 20 हजार करोड़ की लागत से बनने वाले रक्षा औद्योगिक गलियारे की सौगात दी, जिससे पूरा निवेश 4.48 लाख करोड़ का हो गया। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह गलियारा बुंदेलखंड को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा, जो आगरा, अलीगढ़, लखनऊ, कानपुर, झांसी और चित्रकूट को जोड़ेगा। इससे ढाई लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा।’’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कहते हैं, ‘‘इस बार राज्य का बजट काफी बड़ा था, पर निवेशक सम्मेलन से मिलने वाली राशि बजट के बराबर हो गई है, जो सरकार की बहुत बड़ी सफलता है। सरकार आने वाले समय में 40 लाख युवकों को रोजगार देगी।’’ गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में युवाओं की 65 प्रतिशत आबादी है।
अडानी समूह लगाएगा 35 हजार करोड़
अडानी समूह राज्य में 35,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। यह निवेश विश्वस्तरीय फूड एवं एग्रो पार्क, विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय, सड़क और मेट्रो के निर्माण में किया जाएगा। साथ ही, 6 लाख टन क्षमता वाला कोल्ड स्टोरेज भी बनाया जाएगा। आदित्य बिड़ला समूह 25 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगा, जिसमें सीमेंट प्लांट, चिकित्सा, शिक्षा, दूरसंचार एवं रसायन आदि क्षेत्र शामिल हैं। समूह के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कारोबार के लिए माहौल बहुत अच्छा है। व्यापार सुगमता सूचकांक में उत्तर प्रदेश देश में सातवें स्थान पर है। यहां सबसे अधिक श्रम शक्ति उपलब्ध है। वहीं, एस्सेल समूह के अध्यक्ष सुभाष चंद्रा ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश में विकास कार्य तेज रफ्तार से हो रहे हैं और यह नए रूप में उभर रहा है। पिछली सरकार में हमने 30 हजार करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन 3,000 करोड़ का काम ही कर सके। ’’
  इस बार एस्सेल समूह 18,750 करोड़ का निवेश कर रहा है।’’ राज्य में आए सकारात्मक बदलावों को रेखांकित करते हुए चन्द्रा ने कहा कि एस्सेल समूह में 20,000 लोग काम करते हैं, लेकिन इनमें से कुछ लोग अगर मेरे फैसले का समर्थन नहीं करेंगे तो हमारा काम पूरा नहीं हो पाएगा। ठीक इसी तरह कई बार मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद कुछ परियोजनाएं शुरू नहीं हो पातीं हैं। लेकिन हाल के कुछ महीनों में सरकार से जो सहयोग मिला है, उस आधार पर मैं कहूंगा कि उद्यमी निश्चिंत होकर प्रदेश में निवेश कर सकते हैं।’’
अपोलो हॉस्पिटल इंटरप्राइजेज की कार्यकारी उपाध्यक्ष शोभना कामिनेनी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। अपोलो समूह वाराणसी में चिकित्सा के क्षेत्र में काम करेगा। वहीं, टाटा संस के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन ने वाराणसी में आईटी केंद्र खोलने की बात कही। साथ ही, यह आश्वासन दिया कि टाटा संस प्रदेश में हर तरह के विकास के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करेगा।
 फिक्की के अध्यक्ष रमेश शाह ने कहा, ‘‘प्रदेश में दुग्ध के क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं। फिक्की राज्य में निवेश के लिए बेहतर वातावरण बनाने में सरकार का सहयोग करेगा। इसके अलावा, सरकार के साथ मिलकर यूपी ट्रेवेल मार्ट का आयोजन भी किया जाएगा ताकि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिले।’’
एक जिला-एक उत्पाद की सराहना
पहली बार 24 जनवरी, 2017 को राज्य सरकार ने ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ मनाया था। इस दौरान ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट) योजना आरम्भ की गई थी। इसके तहत सरकार प्रत्येक जनपद से एक उत्पाद को बढ़ावा देगी। निवेशक सम्मेलन में जापान के राजदूत केन्जी हिरामत्सु ने सरकार की इस योजना की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, ‘‘जापान ने करीब तीस साल पहले आर्थिक और औद्योगिक विकास में तेजी लाने के लिए ‘वन विलेज-वन प्रोडक्ट’ योजना लागू की गई थी।’’ मॉरीशस के पूर्व प्रधानमंत्री अनिरुद्ध जगन्नाथ ने कहा कि प्रदेश के साथ उनका खून का नाता है। उनके पूर्वज यहीं से मॉरीशस गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह रिश्ता और मजबूत हुआ है। मॉरीशस सूबे में धर्म, पर्यटन, कृषि आदि क्षेत्रों में सहयोग करेगा।
भावुक हुए आनंद महिन्द्रा
सम्मेलन को संबोधित करते समय महिन्द्रा समूह के अध्यक्ष आनंद महिन्द्रा भावुक हो गए। उन्होंने कहा, ‘‘वैसे तो मैं महाराष्ट्र में पला-बढ़ा हूं, मगर उत्तर प्रदेश से मेरा नाता बहुत गहरा है। मेरी मां इलाहाबाद की रहने वाली थीं। अपनी मेहनत से वे लखनऊ के आईटी कॉलेज की प्रोफेसर बनीं। आज यहां बोलते हुए मुझे ऐसा लग रहा है, जैसे घर लौट आया हूं। उत्तर प्रदेश की तुलना किसी राज्य से नहीं, बल्कि दूसरे देशों से होनी चाहिए। यहां देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। महिन्द्रा समूह प्रदेश में 200 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। इसके अलावा, वाराणसी में रिजॉर्ट बनाने के साथ इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन के उत्पादन के लिए इकाई भी लगाई जाएगी।’’ उन्होंने कहा कि हमारे सहयोग से एक लाख गांव और शहरों को डायल-100 से जोड़ा गया है, जिस पर रोजाना एक लाख से अधिक शिकायतें आती हैं और पुलिस 15 मिनट में घटनास्थल पर पहुंचती है।
कर्मयोगी मुख्यमंत्री  
सम्मेलन में रिलायंस इंडस्ट्रीज लि. के सीएमडी मुकेश अंबानी ने कहा कि उनकी कंपनी प्रदेश में 10 हजार करोड़ का निवेश करेगी। इस वर्ष के आखिर तक हर गांव में जियो की कनेक्टिविटी होगी और अगले तीन माह में दो करोड़ जियो फोन सूबे के बाजार में उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश को योगी आदित्यनाथ जैसा कर्मयोगी मुख्यमंत्री मिला है। समझौतों पर अमल की प्रक्रिया शुरू
निवेशक सम्मेलन में जिन समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए, उन्हें धरातल पर लाने का काम तेजी से किया जा रहा है। 22 फरवरी को सम्मेलन के समापन के अगले ही दिन अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त अनूप चंद्र पांडेय ने इस बाबत एक बैठक की। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य में आने वाले निवेश के प्रति हम गंभीर हैं। योजनाओं को धरातल पर लाने के लिए बाकायदा एक तंत्र बनाया गया है। इसलिए एक भी समझौता ज्ञापन पर काम अधूरा नहीं रहेगा। हमारी गंभीरता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि सम्मेलन देर रात तक चला, किंतु सुबह 9:30 बजे मैं कार्यालय में निवेशकों के समझौता ज्ञापनों पर बैठक कर रहा हूं। हम इन्हें डिजिटल क्लीयरेंस दे रहे हैं। मंजूरी की प्रक्रिया में कर्मचारियों और अधिकारियों का हस्तक्षेप समाप्त कर दिया गया है। साथ ही, नीतियों में व्यापक बदलाव करने के साथ श्रम अधिनियम को भी व्यावहारिक बनाया गया है। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि राज्य में इतने बड़े स्तर पर निवेश आ रहा है।