विमर्श/इस्लामी आतंक -मोसुल के सबक पहचानें

    मोसुल के पास एक टीले में दफन 39 अभागे भारतीयों की लाशें मिल गई हैं। उनके लंबे बालों से यह पहचान हुई कि मारे गए अधिकांश लोग सिख थे। अपनी धरती से दूर, रूखी-सूखी खाकर अजनबियों के बीच पैसा कमाने गये इन लोगों की मौत वाकई दुखद है। होना तो यह चाहिए था कि आक्रोश से हम भारतीयों की मुट्ठियां भिंच जातीं, हम दांत पीसने लगते, मगर हुआ यह कि टीवी की बहसों को कई दिनों के लिए मसाला मिल गया। अखबारों में कई कॉलम की खबरें लिखी जा रही हैं। आइये, देखें कि कैसे समाचार बनाये जा रहे हैं, किस तरह की बहसें हो रही हैं :