अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की एक सीमा निर्धारित है
   दिनांक 01-मई-2018

‘‘हमारे देश का संविधान सभी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है। यह हमें लिखने, बोलने और कहने का अधिकार देता है। लेकिन कुछ लोग उसका गलत फायदा उठा रहे हैं। वे अक्सर शिकायत के सुर में रहते हैं।’’ उक्त विचार वरिष्ठ पत्रकार श्री उमेश उपाध्याय ने व्यक्त किए। वे पिछले दिनों नोएडा के सेक्टर-62 स्थित प्रेरणा जन संचार संस्थान व प्रेरणा शोध न्यास के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दस दिवसीय ‘संचार एवं मीडिया कौशल’ कार्यशाला के चौथे दिन ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मीडिया’ विषय पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जितनी एक आम नागरिक को है, उतनी ही मीडिया को है। नागरिकों के अधिकार की स्वतंत्रता से ही मीडिया का अधिकार निकलता है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की हमेशा कुछ न कुछ सीमा अवश्य होती है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1) के तहत सभी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दी गई है।
श्री उपाध्याय ने प्रतिभागियों को बताया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अपने भावों और विचारों को व्यक्त करने का एक राजनीतिक अधिकार है। इसके तहत कोई भी व्यक्ति न सिर्फ विचारों का प्रचार-प्रसार कर सकता है, बल्कि किसी भी तरह की सूचना का आदान-प्रदान करने का अधिकार रखता है। हालांकि, यह अधिकार सार्वभौमिक नहीं है। राष्टÑ-राज्य के पास यह अधिकार सुरक्षित होता है कि वह संविधान और कानूनों के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को किस हद तक जाकर बाधित करने का अधिकार रखता है। कार्यशाला के इसी सत्र में अपने प्रबोधन में बतौर मुख्य वक्ता बोलते हुए माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के कुलपति श्री जगदीश उपासने ने कहा कि सामाजिक एवं वैचारिक क्षेत्र में पत्रकार सिर्फ सिपाही नहीं, बल्कि विचार देने वाला व्यक्ति है। इसलिए पत्रकारों को खुद को समर्थ और विचारशील बनना आवश्यक है। 
इसी क्रम में तृतीय सत्र में प्रोफेसर अमिताभ श्रीवास्तव ने ‘मोबाइल जर्नलिज्म’ पर अपने प्रबोधन में मोबाइल प्रतिभागियों को पत्रकारिता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज के दौर में हर युवा के हाथ में स्मार्ट फोन है और इसके द्वारा वे घटना के फोटो खीचकर व समाचार की दो लाइनें लिख कर खबर को शेयर कर सकते हैं। मोबाइल जर्नलिज्म एक ऐसा मंच है, जो नागरिक पत्रकारिता में अहम भूमिका निभा रहा है। इस अवसर पर राष्टÑीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के संयुक्त प्रचार प्रमुख श्री कृपापाशंकर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचार प्रमुख श्री पदम सिंह, वर्गाधिकारी श्री शिव प्रताप सहित कई लोग उपस्थित रहे। ल्ल प्रतिनिधि