मंदिर के खजाने में हुए भ्रष्टाचार पर आवाज उठाने वाले तिरुपति के मुख्य पुजारी को हटाया गया
   दिनांक 22-मई-2018
— रमन्ना दीक्षितुलु ने पिछले सप्ताह मंदिर के खजाने में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए आंध्र प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए थे और सीबीआई जांच की मांग की थी 

दुनिया के सबसे अमीर तिरुपति बालाजी मंदिर के मुख्य पुजारी रमन्ना दीक्षितुलु के हटाए जाने को लेकर विवाद गहरा गया है। मंदिर के मुख्य पुजारी रमन्ना दीक्षितुलु को हटाए जाने को लेकर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। मंदिर के खजाने में हुए भ्रष्टाचार पर बोलने के बाद रमन्ना दीक्षितुलु को पिछले सप्ताह मंदिर के मुख्य पुजारी के पद से हटा दिया गया था।

द संडे गार्डियन अखबार में छपी खबर के अनुसार राज्य सरकार ने दलील दी कि मुख्य पुजारी की उम्र 65 वर्ष से अधिक हो चुकी है इसलिए उन्हें रिटायरमेंट दी गई है. तिरुपति तिरुमला देवास्थनम (टीटीडी) ट्र्स्ट बोर्ड ने भी आनन-फानन में उसी दिन अपनी नई नीति बनाते हुए मंदिर के मुख्य पुजारी की रिटायरमेंट उम्र 65 वर्ष तय कर दी। ट्रस्ट के बोर्ड ने उनकी जगह (रमन्ना दीक्षितुलु) 4 नए मुख्य पुजारियों को नियुक्ति किया है। उल्लेखनीय है कि रमन्ना दीक्षितुलु ने चेन्नई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया था कि नवगठित टीटीडी बोर्ड और सरकार के अधिकारी मंदिर से जुड़े मुद्दों और रोजमर्रा के कामकाज में दखल देते हैं। उन्होंने मंदिर को 16वीं शताब्दी के विजयनगर के राजा श्रीकृष्ण देवार्य से दान में मिले सोने-चांदी और हीरे-जवाहरात के गहनों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए थे। रमन्ना ने मंदिर में आर्थिक गड़बड़ियों का हवाला देकर सीबीआई जांच की मांग की थी। उन्होंने इसके लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भी लिखा है