कर्नाटक और बंगाल में हो रही गुंडागर्दी
   दिनांक 23-मई-2018
-सहिष्णुता की वकालत करने वाले खुद कितने सहिष्णु ये कर्नाटक और बंगाल की घटनाओं को देखकर पता चलता है, पश्चिमी बंगाल में जहां एक महिला के गले में जूतों की माला डालकर उठक—बैठक कराई जा रही है तो वहीं दक्षिणी कर्नाटक में लोगों को भाजपा को वोट डालने की बात कहकर मारा-पीटा जा रहा हैै


हाल ही में कर्नाटक में विधानसभा चुनाव और पश्चिमी बंगाल में पंचायत चुनाव हुए हैं। देश में असहिष्णुता का ढिंढोरा पीटने वाले लोग खुद कितने सहिष्णु हैं इसका अंदाजा दोनों राज्यों में हो रही हिंसात्मक घटनाओं से लगाया जा सकता हैै। ममता राज में जहां एक महिला के गले में जूतों की माला डालकर उससे कान पकड़कर उठक- बैठक लगवाई गई। वहीं कर्नाटक में अभी तक कुमार स्वामी ने शपथ भी नहीं ली और कांग्रेस और जद एस के कार्यकर्ताओं ने दहशत फैलानी शुरू कर दी । दक्षिणी कर्नाटक के तटीय इलाके में जहां कांग्रेस हारी है वहां कुछ लोगों ने भाजपा को समर्थन देने का आरोप लगाकर एक पुरुष व महिला पर हमला किया। इसके बाद इसी क्षेत्र में एक अन्य युवक के साथ भी भाजपा समर्थक होने का आरोप लगाकर मारपीट की गई। युवक का कहना है कि कुछ लोग उसके पास आए और कहा कि उसने चुनावों में भाजपा को वोट दी है वह भाजपा कार्यकर्ता है और इसके बाद उस पर लोहे की रॉड और डंडों से हमला कर दिया। युवक को सिर और कई जगहों पर गंभीर चोट आई है। इसी तरह बंतवाल में एक मंदिर के सामने आतिशबाजी कर रहे कांग्रेस और जद एस के समर्थकों ने भाजपा को वोट देने वाले लोगों को भड़काने की कोशिश की ताकि वहां हंगामा हो सके।
पश्चिमी बंगाल में हुई घटना 19 मई की है, जहां एक महिला ने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को बूथ लूटने से रोका तो उसके गले में जूतों की माला पहनाकर उससे उठक—बैठक कराई गई। वहीं कर्नाटक में पिछले तीन दिनों में अलग—अलग जगहों पर ऐसी घटनाएं हो रही हैं। कर्नाटक में दक्षिणी कर्नाटक के तटीय इलाकों में लोगों पर इस तरह अटैक किए जा रहे हैं। बता दें कि तटीय इलाके में कांग्रेस अपनी सभी सीटें हार गई हैं। इस तरह कर्नाटक में विट्टला में एक जगह पर एक महिला और पुरुष के साथ भाजपा कार्यकर्ता होने की बात बोलकर मारपीट की गई। दोनों ही मामले पुलिस के पास पहुंचे हैं लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।