सामाजिक विभाजन से देश को खतरा
   दिनांक 07-मई-2018
 
‘‘देश को खतरा जयचंद और मीर जाफरों से नहीं, बल्कि इस देश को खतरा सामाजिक विभाजन से है। जिस दिन भारत इस सामाजिक विभाजन को समाप्त कर लेगा़,भारत को विश्व गुरू बनने से कोई भी ताकत नहीं रोक पाएगी।’’ उक्त बात प्रो़ राकेश सिन्हा ने कही। वे गत 29 अप्रैल को जयपुर में विश्व संवाद केन्द्र एवं पाथेय कण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नारद जयन्ती एवं पत्रकार सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज भी समाज में एक बड़ा वर्ग वंचित बना हुआ है। चाहे वे व्यक्ति सामाजिक, आर्थिक या सांस्कृतिक कारणों से क्यों न पीछे हों। इसलिए उनके प्रति समाज को संवेदनशील होना पड़ेगा। उन्होंने पत्रकारिता के विषय में कहा कि कोई भी राष्टÑ तब तक ही जीवन्त रहता है, जब तक वहां की पत्रकारिता राष्टÑ की आत्मा के साथ जुड़ी रहती है। स्वतंत्रता से पूर्व की पत्रकारिता पूंजीवाद से परे रहकर राष्टÑ को समर्पित थी। तब राष्टÑीय हित को प्रमुखता दी जाती थी और पत्रकारिता का उद्देश्य उन ताकतों को परास्त करना था, जो भारत को गुलाम बनाकर लोगों पर अत्याचार कर रही थीं। पत्रकार अपने हित को समाज के हित से अलग रखता था। आज इसी तरह की पत्रकारिता की जरूरत है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पाथेयकण के सम्पादक श्री कन्हैयालाल चतुर्वेदी ने कहा कि पहली बार पाथेयकण द्वारा वर्ष 2002 में नारद जयन्ती मनाई गई थी तबसे यह निरंतर मनाई जा रही है। इस अवसर पर अनेक पत्रकारों को सम्मानित किया गया।
(विसंकें, जयपुर)