भारतीय मनीषियों का चिंतन- अंहकार से बचे, निःस्वार्थ सेवा करें- डा. मोहन भागवत
   दिनांक 11-जून-2018

डा. गणेश दत्त वत्स

  संभालखा के पट्टी कल्याणा में सेवा साधना एवं ग्राम विकास केंद्र का शिलान्यास किया

 
भारतीय मनीषियों का चिंतन व जीवन दर्शन संपूर्ण विश्व के कल्याण के लिए है। जिसमें मानव ही नहीं समस्त प्राणी वर्ग के लिए संदेश दिया है। सनातन संस्कृति में पुनर्जन्म और कर्मफल की अवधारणा से परिभाषित होता है कि जो हम कर्म करते हैं उनसे कर्मानुसार पुण्य और पाप एकत्रित होता है। मानव जन्म ही ऐसा है, जिसमें व्यक्ति स्वेच्छानुसार कर्म कर जीवन लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। इसमें भी अंहकार से बचते हुए निःस्वार्थ सेवा और परोपकार करना महापुण्य फलदायी होता है। ये बातें संभालखा के पट्टी कल्याणा गांव के निकट शनिवार 9 जून को श्री माधव जनसेवान्यास द्वारा बनाए जा रहे सेवासाधना एवं ग्राम विकास केंद्र का शिलान्यास करने के उपरांत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहीं। उन्होंने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति ही हमारा मार्गदर्शक है और हिन्दूत्व जीवन पद्धति सर्वजन के लिए हितकर है। ‘‘सर्वे भवंतु सुिखनः’’ और ‘‘वसुधैव कुटुम्बकम’’का ऋषि चिंतन सम्पूर्ण विश्व को एक सूत्र में पिरोता है। हमें इसी मार्ग पर चलते हुए अंहकार से बचना चाहिए और निःस्वार्थ सेवा करनी चाहिए। समर्थ लोगों को जरुरतमंदों की मदद के लिए आगे आना चाहिए इससे समाज में समरसता बढेगी और भेदभाव मिट जाएगा। सेवा करने से जन्म जन्मांतर के पाप कर्म कमतर होते जाते हैं और पुण्य का एकत्रिकरण होता है जिससे मोक्ष की प्राप्ति भी संभव है। शिलान्यास के साथ पौधारोपण भी किया गया जिसमें सरसंघ चालक के साथ स्वामी ज्ञानानंद महाराज, जैनमुनि उपाध्याय गुप्ती सागर जी, रवि शाह महाराज गन्नोर आश्रम, स्वामी मोलहड़नाथ मतलोडा आश्रम तथा श्री माधव जनसेवान्यास के अध्यक्ष पवन जिंदल जी भी उपस्थित रहे। कार्यकम में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह व्यवस्था प्रमुख अनिल ओक, क्षेत्रिय कार्यवाहा, क्षेत्रिय प्रचारक बनबीर, प्रांत कार्यवाह देवी प्रकाश भारद्वाज, प्रदेश सहप्रचार प्रमुख राजेश जी, प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला, रावइंद्रजीत सिंह, कंवरपाल, विपुल गोयल, कृष्ण पंवार, नायब सैनी सहित अनेक मंत्रीगण व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

संघ और समाज

सरसंघचालक चालक ने कहा कि संघ समाज को समर्पित है। संघ के स्वयं सेवक राष्ट्र भावना का संकल्प लेकर समाजिक समरसता के लिए कार्य कर रहे हैं। राष्ट्रसमर्पण का संकल्प समाज के उत्थान और विकास के लिए कार्य किया जा रहा है। जिसमें शिक्षा के साथ-साथ सेवा भारती जैसे प्रकल्पों से रोजगार उनमुखी प्रोत्साहन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। नवनिर्माणाधीन यह केंद्र भी समाज के लिए एक उपयोगी इकाई साबित होगा। इस केंद्र के निर्माण में भी संघ के स्वयं से लेकर अधिकारी गण व समाज के लोगों का भारी सहयोग रहा है और रहेगा। यह निर्माण समाज के लिए समाज के सहयोग से ही संपन्न होगा। उन्होंने कहा कि एक लाख 75 हजार से अधिक प्रकल्प देश में स्वयं सेवकों द्वारा चलाए जा रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि देश हमें देता है सबकुछ, हम भी तो कुछ देना सीखें। और पाश्चात्य संस्कृति मेें जहां अमीरों और नेताओं के चरित्र लिखे जाते हैं वहीं हमारी संस्कृति समाज का मार्गदर्शन करने वाले भगवान राम, श्री कृष्ण, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी व भामाशाह जैसे दानवीरों का चरित्र उधृत करती है जो हमारी प्रेरणा बनकर मार्गदर्शन करती है।

सेवा साधना व ग्राम विकास केंद्र का प्रारुप-

गांव पट्टीकल्याणा में बनने वाले सेवा साधना व ग्राम विकास केंद्र समाज कल्याण के लिए बहुत ही उपयोगी रहेगा। अंतराष्ट्रीय मानकों के अनुरुप चार लाख वर्गफीट क्षेत्र में बनने वाला यह केंद्र आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा। इसमें समरसता भवन का निर्माण किया जाएगा ताकि अलग-अलग समुदाय के लोग समरसता को बढावा देने के लिए बैठ सकें और चिंतनमंथन कर सुझाव भी दे सकें। इस केंद्र में खेतीहर किसान के लिए जैविक खेती का प्रशिक्षण कम दाम में जैविक खाद का तैयार करना और कम लागत से अधिक फसल उत्पादन जैसे विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही हर आयु वर्ग के लिए पुस्तकालय, जनहित के लिए चिकित्सालय, साधना के लिए पूजागृह ध्यान साधना केंद्र व मंदिर का निर्माण करने के लिए साथ-साथ गोधन संवर्धन संरक्षण के लिए गौशाला भी बनाई जाएगी। इस केंद्र में एक साथ दो हजार कार्यकर्ताओं केे बैठने की व्यवस्था होगी। इसमें 500-500 व्यक्तियों के बैठने के लिए 2 नये भवन भी बनाए जाएगे। और एक हजार वाहनों के खड़ा करने लिए व्यवस्थित पार्किंग का निर्माण भी किया जाएगा।