तन्वी सेठ उर्फ सादिया पर हो कार्रवाई
   दिनांक 23-जून-2018

गैर मुस्लिम औरत चाहे जितनी खूबसूरत हो, तुम उनसे शादी मत करो, जब तक कि वो इस्लाम कबूल न कर लें।" कुरान की इस आयत (सूरा बकरा २.२२१) के बारे में हो सकता है गैर मुस्लिम लड़कियां बिल्कुल न जानती हों लेकिन हर मुसलमान इसके बारे में जानता है। इसलिए जब भी कोई मुसलमान किसी गैर मुस्लिम लड़की से शादी करता है तो उसे इस्लाम कबूल करवाता ही है। चोरी छिपे। उसकी जानकारी में या फिर चाहे जैसे। जब तक उस लड़की को इस्लाम कबूल न करवा लिया जाए, उसका धर्म परिवर्तन करके नाम न बदल दिया जाए, मुस्लिम उससे शादी नहीं करेगा। अगर करेगा तो इस्लाम से बेदखल समझा जाएगा। 

इसके पीछे का कारण ये है कि मुसलमान अपने अलावा पूरी दुनिया के इंसानों को दोयम दर्जे का मानता है। उसकी किताब उसे समझाती है कि तुम आला दर्जे के इंसान हो क्योंकि तुमने अल्लाह और उसके आखिरी नबी में यकीन किया है, बाकी दुनिया के जो लोग हैं वो सब गंदगी हैं, अभी उन्हें पाक होना है।

तन्वी सेठ देखने में इतनी मूर्ख तो नहीं लगती कि उसे पता न हो कि उसके साथ क्या हुआ है और वो आगे क्या कर रही है। लेकिन अब क्योंकि उसके ऊपर भी ईमान आ चुका है तो इस्लामिक व्यवहार करना उसका फर्ज बन जाता है। इसलिए उसने यह स्वांग रचा कि उसने अपना धर्म नहीं बदला है जबकि उसके ही कागजात इसकी चुगली कर रहे हैं।

मेरी स्पष्ट राय है कि तन्वी या सादिया नाम की इस महिला का पासपोर्ट तत्काल निरस्त करके गिरफ्तार किया जाना चाहिए। इसके साथ ही अफसर को हड़काने और सरकारी व्यवस्था को बदनाम करने के लिए इसके पति पर भी मुकदमा दायर होना चाहिए ताकि भविष्य में कोई इस तरह की साजिश न रच सके।

(संजय तिवारी जी के फेसबुक वाल से साभार)