तन्वी पासपोर्ट मामला, हो सकता है पासपोर्ट रद
   दिनांक 23-जून-2018

नियम और कायदों को ताक पर रखकर बनाया गया है तन्वी उर्फ सादिया का पासपोर्ट, ट्रांसफर किए गए अधिकारी विकास मिश्र को लेकर जनसमर्थन बढ़ रहा है सोशल साइटों पर लोग लगातार उनके समर्थन में लिख रहे हैं

तन्वी सेठ के पासपोर्ट मामले में ट्रांसफर किए गए अधिकारी विकास मिश्र के पक्ष में समर्थन बढ़ रहा है। लोग उन्हें सही ठहरा रहे हैं जबकि नियमों को ताक पर रखकर पासपोर्ट जारी करने के मामले में लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं। वहीं एक घंटे में पासपोर्ट जारी किए जाने के बाद से क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी पीयूष वर्मा ने भी चुप्पी साध ली है। सुरक्षा के लिहाज से पासपोर्ट कार्यालय पर पुलिस भी तैनात कर दी गई है।

 

उल्लेखनीय है कि तन्वी और उनके पति अनस बुधवार को पासपोर्ट बनवाने गए थे। सीनियर सुपरिटेंडेंट विकास मिश्रा ने तन्वी के निकाहनामे व अन्य दस्तावेजों पर सवाल उठाए थे। इसे लेकर दोनों में बहस हुई। तन्वी ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से ट्वीटर पर इसकी शिकायत कर दी। उन्होंने कहा कि उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जा रहा है। विदेश मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद बृहस्पतिवार को क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी पीयूष वर्मा ने घंटे भर में तन्वी का पासपोर्ट बनवाकर दे दिया था।

एक वरिष्ठ अधिकरी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि भले ही तान्या सेठ उर्फ सादिया का पासपोर्ट एक घंटे में जारी कर दिया गया हो लेकिन वेरिफिकेशन के दौरान उनका पासपोर्ट जब्त हो सकता है। दरअसल तन्वी का जो पासपोर्ट बनाया गया है उसके अनुसार वह लखनऊ के पते पर है जबकि तन्वी अपने पति के साथ नोएडा में रहती हैं।

नियमानुसार क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी विशेषाधिकार का प्रयोग कर पोस्ट वेरीफिकेशन क्लॉज के तहत पासपोर्ट जारी कर सकता है। लेकिन, इसके बाद पासपोर्ट सही बना है या गलत यह पुलिस के सत्यापन पर टिका होता है। एलआईयू पासपोर्ट वेरीफिकेशन का काम देखती है। नियमानुसार पासपोर्ट आवेदन के समय वहां का पता देना जरूरी होता है जहां वर्तमान में पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वाला व्यक्ति रह रहा हो। साथ ही यदि आपका स्थाई पता वह नहीं है जहां आप रह रहे हैं तो आपको अपना स्थाई पता भी बताना होता है। इसके बाद पुलिस विभाग द्वारा सत्यापन किया जाता है। तन्वी नोएडा में रहती हैं तो उन्हें वहीं का पता देना चाहिए था लखनऊ का नहीं। पता बदलने के बाद भी पासपोर्ट धारक को पासपोर्ट में पता बदलवाना जरूरी होता है। जबकि तन्वी ने नाम बदले जाने के बारे में सही जानकारी तक दर्ज नहीं कराई है।