आपातकाल के दिनों में मोदी भी थे भूमिगत, कर रहे थे संघ कार्य
   दिनांक 26-जून-2018
आजाद भारत के इतिहास में आपातकाल एक काले अध्याय की तरह है। आपातकाल लागू होने के बाद देश में नेताओं को जेल में ठूंसने का दौर चला। दो साल तक देश में नेताओं और कांग्रेस के विपरीत विचार रखने वाले लोगों को गिरफ्तार कर जेलों में बंद कर दिया गया। प्रेस की आजादी पर रोक थी, देश में लोगों की जबरन नसबंदी कराई जा रही थी। आपातकाल के दौर में इंदिरागांधी के खिलाफ संघर्ष कर रहे कई नेता आज देश में बड़े नेता हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इनमें से एक हैं। वह आपातकाल के दौरान वेश  बदलकर सक्रिय थे और संघ कार्य करने में जुटे थे। कई बार अपने भाषणों में मोदी आपातकाल के बारे में बोलते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वेबसाइट narendramodi.in पर इमरजेंसी के दौर की कुछ कहानियां बताई गई हैं।

 प्रचारक जीवन के दौरान लोगों से मिलते मोदी( बाएं), आपातकाल के दिनों में सिख के वेश में (दाएं) संघ के कार्यक्रम में गणवेश में बौद्धिक देते हुए मोदी

आपातकाल में संघ था सक्रिय, मोदी कर रहे थे काम

आपातकाल लागू होने के बाद जब देश में नेताओं को गिरफ्तार किया जा रहा था तब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूरी तरह सक्रिय था। मोदी तब संघ के प्रचारक थे। अन्य प्रचारकों की तरह उन्हें भी काम दिया गया था। उन पर जनआंदोलनों, आपातकाल के खिलाफ लोगों को एकजुट करने व आपातकाल के खिलाफ साहित्य वितरण करने का काम दिया गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वेबसाइट पर आपातकाल के बारे में बताया गया है उन दिनों वह नाथालाल जागड़ा और वसंत गजेंद्र गाडकर के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहे थे। आपातकाल में तमाम तरह की पाबंदियां थीं। संघ पर भी पाबंदी लगा दी गई थी। इस बीच वरिष्ठ संघ कार्यकर्ता केशव राव देशमुख को गुजरात में गिरफ्तार कर लिया गया। मोदी की योजना उनके साथ आगे की रणनीति बनाते हुए काम करने की थी। लेकिन उनकी गिरफ्तारी की वजह से ऐसा नहीं हो सका।

पगड़ी बांधकर सिख बन गए थे मोदी

इससे पहले की संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता नाथालाल जागडा को बंदी बनाया जाता मोदी ने स्कूटर पर बिठाकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। आपातकाल में सूचना प्रसारण पर पूरी तरह पाबंदी थी। देश में तमाम पत्र—पत्रिकाएं बंद करा दी गई थी। बावजूद इसके मोदी ने संविधान, कानून, आपातकाल के दौरान की जा रही ज्यातियों से संबंधित साहित्य और पुस्तकें अन्य राज्यों के लिए जाने वाली ट्रेनों में रखवाई। आपातकाल के दिनों में वह वेश बदलकर सिख बन गए थे।

जेल में पहुंचाते थे खुफिया जानकारी

वह जेल में बंद कार्यकर्ताओं से मिलने भेष बदलकर जाया करते थे। वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार मोदी लगातार भेष बदलकर जेल जाया करते थे। वह बाहर हो रही गतिविधियों के बारे में जेल में बंद नेताओं को जानकारी पहुंचाया करते थे।