स्वस्थ समाज से सबल राष्ट्र का निर्माण
   दिनांक 26-जून-2018
 
कार्यक्रम को संबोधित करते डॉ.भगवती प्रकाश
‘‘दया, गरीबी, समता और शील, ये संतों के गुण हैं। इस स्वभाव के चलते ही संत, सरोवर, वृक्ष एवं वर्षा परोपकार के लिए कार्य करते हैं।’’ उक्त बात गादीपति कबीर आश्रम, माधोबाग के संत डॉ़ रूपचंद दास ने कही। वे पिछले दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जोधपुर की ओर से आयोजित संघ शिक्षा वर्ग के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित क्षेत्र संघचालक ड़ॉ भगवती प्रकाश ने कहा कि स्वस्थ समाज से ही सबल राष्ट्र का निर्माण होता है। राष्ट्र का प्राचीन गौरव बोध, राष्ट्र भाव का जागरण एवं स्वत्व जगाने हेतु ही हम सब स्वयंसेवक बने हैं। (विसंकें, जोधपुर)