प्रताप महान, अकबर नहीं
   दिनांक 26-जून-2018

दीप प्रज्जवलन करते हुए (बाएं से) श्री योगी आदित्यनाथ एवं श्री नरेंद्र ठाकुर
पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित गोमतीनगर के आई़ एम़ आऱ टी़ मैनेजमेंट कॉलेज में अवध प्रहरी पत्रिका द्वारा महाराणा प्रताप जयन्ती के उपलक्ष्य में प्रकाशित युवा शौर्य विशेषांक का विमोचन किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्टÑीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख श्री नरेंद्र कुमार उपस्थित थे। इस अवसर पर श्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाराणा प्रताप महान थे, अकबर नहीं। भारत में वनवासी समाज अपने को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का वंशज मानता है और देश में थारू व बोडो जैसी अनेक जनजातियां उन्हीं से प्रेरणा लेकर राष्टÑभक्ति का अप्रतिम उदाहरण पेश कर रही हैं।
 
कार्यकम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित श्री नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि महाराणा प्रताप के व्यक्तित्व में शौर्य के अलावा नैतिकता का भी अद्भुत समावेश था। जब महाराणा के पुत्र अमर सिंह ने अब्दुल रहीम खानखाना परिवार की महिला सदस्यों को कैद कर लिया तो महाराणा प्रताप ने अपने बेटे के कार्य पर उनसे क्षमा मांगी। उस समय महाराणा ने कहा था कि शत्रु परिवार की महिला सदस्यों की सुरक्षा करना भी मेरा दायित्व व राष्टÑधर्म है। महाराणा प्रताप जैसे शूरवीरों में ही ऐसा नैतिक बल संभव है।
स्वामी विवेकानंद की नैतिकता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिकागो में जब स्वामी जी से मिलकर एक महिला ने विवाह का प्रस्ताव रखा और एक पुत्र की इच्छा प्रकट की थी, तब स्वामी जी ने कहा था कि आप मुझे ही पुत्र के रूप में स्वीकार कर लीजिये। यह है हमारी नैतिकता। विशेषांक के संपादक श्री प्रणय विक्रम सिंह ने कहा कि यह शौर्य विशेषांक हल्दी घाटी के उन अमर शहीद योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करता है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिये अपने प्राणों का उत्सर्ग किया। (विसंकें, लखनऊ )