चर्च की साजिश: अब गोवा के बिशप ने उठाए लोकतंत्र पर सवाल
   दिनांक 05-जून-2018

चर्च के जरिए वेटिकन देश में गहरी साजिश करने में जुटा है। दिल्ली के आर्चबिशप अनिल काउटो के चर्च के पादरियों को पत्र लिखे जाने के बाद अब गोवा और दमन के आर्चबिशप फिलिप नेरी फेराओ ने भी लोकतंत्र को खतरे में बताकर देश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है।

 

फिलिपि नेरी ने चर्चों के साथ ईसाइयों से भी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने की अपील की है। उन्होंने एक पत्र भी लिखा है। उन्होंने अनिल काउटो की तर्ज पर चर्चों को पत्र लिखा और कहा कि आज भारत का संविधान खतरे में है। इसकी वजह से अधिकांश लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ऐसे में अगले आम चुनाव में ईसाई समुदाय को इसकी रक्षा के लिए प्रयास करना होगा.

फेराओ ने अपने पत्र में आगे लिखा है आज मानवाधिकारों का हनन हो रहा है। खान-पान और रहन-सहन के तौर तरीकों में एकरूपता लागू कराने की कोशिश की जा रही है। यह धार्मिक आजादी छीनने और एक जैसी संस्कृति व परंपरा थोपे जाने की कोशिश करने जैसा है।यह पत्र फेराओ ने पादरी नववर्ष (पेस्टोरल ईयर) शुरू होने के मौके पर भेजा है। पादरी वर्ष की शुरुआत एक जून से होती है।

उल्लेखनीय है कि पिछले महीने दिल्ली के आर्चबिशप अनिल काउटो ने भी एक पत्र लिख कर भारत के राजनीतिक माहौल को अशांत बताकर देश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की थी। उनके पत्र पर संज्ञान लेकर वेटिकन ने भी अपने वेबसाइट पर इस खबर को प्रकाशित किया था। काउटो ने आगामी आम चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपने समुदाय से प्रार्थना अभियान चलाने की बात कही थी।