‘‘गांव हैं संस्कृति के परिचायक’’
   दिनांक 06-जून-2018

पिछले दिनों उत्तराखंड के गढ़वाल अंचल के चाई गांव में चाई महोत्सव का आयोजन किया गया। इस महोत्सव का उद्देश्य पहाड़ से पलायन कर चुके लोगों को फिर से अपनी सभ्यता-संस्कृति और गांव की ओर लौटने के लिए प्रेरित करना था। समारोह में ग्राम दर्शन, द्वार पूजन, विचार गोष्ठी व खेल आदि कार्यक्रम आयोजित किए गए।

 महोत्सव के दौरान कलश यात्रा में शामिल ग्रामीण महिलाएं
 
कार्यक्रम का शुभारंभ पौड़ी गढ़वाल की जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमन कोटनाला ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ग्राम चाई ने जो पर्वतीय संस्कृति की अलख जगाई है, वह सभी के लिए अनुकरणीय है। इस अवसर पर उत्तरांचल उत्थान परिषद के अध्यक्ष श्री प्रेम बड़ाकोटि ने कहा कि गांव हमारी संस्कृति के परिचायक हैं। भारतीयता की जड़ें गांवों में हैं। समारोह के विभिन्न सत्रों में मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. नवीन बलूनी एवं आकाशवाणी के पूर्व केद्रीय निदेशक श्री चक्रधर कंडवाल ने भी गांवों से जुड़े अनेक विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।