नन का बिशप पर आरोप: 13 बार किया दुष्कर्म

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चर्च के भीतर यौन शोषण की घटनाएं एक के बाद एक सामने आ रही हैं। पिछले दिनों केरल के मलंकारा आॅर्थोडॉक्स चर्च के पांच पादरियों पर एक महिला ने सैकड़ों बार दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया था। महिला के पति की आॅडियो क्लिप वायरल होने के बाद चर्च प्रबंधन ने उन्हें निलंबित कर मामले की जांच के आदेश दिए थे। अब उन पांच पादरियों पर केरल पुलिस ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया है। वहीं केरल में एक नन ने चर्च के बिशप के खिलाफ बलात्कार करने का मामला दर्ज कराया है। नन का कहना है कि बिशप ने 13 बार उसका यौन शोषण किया। आरोपी बिशप जालंधर स्थित डायोसीस कैथोलिक चर्च में कार्यरत है।

नन ने कोट्टायम जिला पुलिस प्रमुख को दी गई अपनी शिकायत आरोप लगाया है कि वह पंजाब के जालंधर में में डायोसीस कैथलिक चर्च के तहत चलने वाले एक संस्थान में काम करती थीं। बिशप ने चार साल पहले पास के एक कस्बे में कई बार उसका यौन उत्पीड़न किया। 2014 में जिले के कुरावलंगद क्षेत्र में एक अनाथालय के नजदीक एक गेस्ट हाउस में पहली बार उससे यौन शोषण किया गया। 44 वर्षीय नन का आरोप है कि साइरो-मालाबार कैथोलिक चर्च से बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ शिकायत की गई तो चर्च ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उसे पुलिस की मदद लेनी पड़ी।

डायोसीस कैथोलिक चर्च के तहत चलने वाले एक संस्थान के मुखिया बिशप फ्रैंको मुलक्कल (54) ही हैं। जानकारी के अनुसार नन ने केरल के तत्कालीन चर्च प्रमुख कार्डिनल मार जॉर्ज अलेनचेरी से इसकी शिकायत की थी, लेकिन चर्च की तरफ से कोई कदम नहीं उठाए जाने पर उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं आरोपी बिशप मुलक्कल ने भी कोट्टयम पुलिस में नन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई कि वह नन का तबादला दूसरे संस्थान में कर रहे थे, लेकिन उसने यह आदेश मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की, तो नन बदला लेने के मकसद से उन्हें झूठे आरोपों में फंसा रही है।