अब मौलाना कर रहे लक्ष्मण जी की मूर्ति लगाने का विरोध
   दिनांक 02-जुलाई-2018
लखनऊ में लक्ष्मण जी की मूर्ति लगाने के प्रस्ताव पर बौखलाए मौलाना कह रहे हैं कि टीले वाली मस्जिद के पास लक्ष्मण जी की मूर्ति नहीं लगाई जाए क्योंकि मूर्ति के बगल में नमाज जायज नहीं है। वहीं लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया ने कहा है कि यहां लक्ष्मण जी की भव्य मूर्ति लगनी चाहिए

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को लक्ष्मणपुरी के नाम से भी जाना जाता है। टीले वाली मस्जिद के पास एक खाली मैदान है। नगर निगम के रिकॉर्ड में टीले वाली मस्जिद के पास लक्ष्मण टीले का जिक्र है। लखनऊ में भाजपा के पार्षद रजनीश गुप्ता और रामकृष्ण यादव ने यह प्रस्ताव दिया कि टीले वाली मस्जिद के पास नगर निगम की जमीन पर लक्ष्मण जी की मूर्ति लगाई जाए। इस प्रस्ताव पर सहमति होने के बाद जब प्रक्रिया शुरू होने की बात आई तो मुसलमानों ने इसका विरोध शुरू कर दिया।
उल्लेखनीय है प्राचीन काल में लखनऊ कौसल राज्य का हिस्सा हुआ करता था। कौसल राज्य को भगवान् राम ने अपने भाई लक्ष्मण जी को दे दिया था। यही कारण है कि इसे लक्ष्मणपुरी, लखनपुर, या लक्ष्मणावती भी कहा जाता था। काफी समय बाद इसे लखनऊ कहा जाने लगा।
नगर निगम द्वारा लक्ष्मण जी की मूर्ति लगाने का प्रस्ताव आने के बाद शिया और सुन्नी सम्प्रदाय के मौलानाओं ने नाराजगी जाहिर की है। टीले वाली मस्जिद के शाही इमाम फजले मन्नान ने आपत्ति जताई और कहा कि "मस्जिद के पास अगर मूर्ति लगाई जाएगी तो नमाजियों को इससे दिक्कत होगी और नमाजी लोग इसका विरोध भी करेंगे।  
नगर निगम द्वारा लक्ष्मण जी की मूर्ति लगाने का प्रस्ताव आने के बाद शिया और सुन्नी सम्प्रदाय के मौलानाओं ने नाराजगी जाहिर की है। टीले वाली मस्जिद के शाही इमाम फजले मन्नान ने आपत्ति जताई और कहा कि "मस्जिद के पास अगर मूर्ति लगाई जाएगी तो नमाजियों को इससे दिक्कत होगी और नमाजी लोग इसका विरोध भी करेंगे। इसकी वजह यह भी है कि मूर्ति के पास नमाज जायज नहीं होती है इसलिए यहां पर किसी भी प्रकार की मूर्ति न लगाई जाए। टीले वाली मस्जिद के मौलाना के साथ ही साथ, सुन्नी मुसलमानों ने भी लक्ष्मण जी की मूर्ति लगाने पर विरोध जताया है। सुन्नी मुसलमानों का कहना है कि अगर लक्ष्मण जी की मूर्ति लगानी है तो यह मूर्ति किसी मंदिर के अंदर लगाई जानी चाहिए, टीले वाली मस्जिद के पास किसी भी प्रकार की मूर्ति नही लगाई जानी चाहिए। जानकार बताते हैं कि टीले वाली मस्जिद के बगल में नगर निगम की जमीन है। उस जमीन पर प्रस्तावित मूर्ति से मौलाना और नमाजियों का कोई सरोकार नहीं है। जानबूझ कर मुसलमानों की तरफ से इस मामले को तूल दिया जा रहा है। लक्ष्मण जी की मूर्ति लगाने का प्रस्ताव देने वाले भाजपा पार्षद राम कृष्ण यादव का कहना है कि यह इलाका लक्ष्मण टीला के नाम से विख्यात है। भू - राजस्व के रिकार्ड में भी यह लक्ष्मण का टीला ही दर्ज है इसलिए मूर्ति लगाने का कतई विरोध नहीं होना चाहिए. सर्व विदित है कि लखनऊ लक्षमण जी के नाम पर ही बसा है। इस मामले पर लखनऊ की महापौर सयुंक्ता भाटिया का कहना है कि लक्ष्मण जी की भव्य मूर्ति लखनऊ में लगाई जानी चाहिए। इस सम्बन्ध में प्रस्ताव आया है अगली बैठक में इस पर फैसला लिया जायेगा.