विश्व की आर्थिक शक्ति के रूप में उभरेगा भारत !
   दिनांक 24-जुलाई-2018
 
विश्व की छठी बड़ी अर्थव्यवस्था विकास के दम पर भारतीय अर्थव्यवस्था फ्रांस को सातवें स्थान पर छोड़ते हुए दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है।

 
विश्व बैंक के अनुसार 2017 के आखिर में भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2.597 खरब डॉलर, जबकि फ्रांस का 2.582 खरब डॉलर था। पिछले साल उत्पादन और उपभोक्ता खर्च में आई तेजी ने भारतीय अर्थव्यवस्था को गति प्रदान की है। एक दशक में भारत का जीडीपी दोगुनी हो चुका है। संभावना जताई जा रही है कि चीन की रफ्तार धीमी पड़ने की सूरत में भारत एशिया में प्रमुख आर्थिक ताकत के तौर पर उभर सकता है। लंदन स्थित कंसल्टेंसी फर्म ‘सेंटर फॉर इकोनॉमिक्स एंड बिजनेस रिसर्च’ ने 2017 के आखिर में कहा था कि जीडीपी के लिहाज से भारत ब्रिटेन और फ्रांस को पीछे छोड़ देगा। 2032 तक भारत के दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यव्था बनने की भी संभावना जताई गई है।
ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में भारत
पिछले दिनों ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (जीआईआई) ने नवाचार देशों की सूची में भारत को 57वें स्थान पर रखा है। इसमें लगातार सुधार आ रहा है। पिछले साल भारत 60वें स्थान पर था, जबकि 2015 में 81वें स्थान पर था। यह इंडेक्स कॉर्नेल यूनिवर्सिटी और वर्ल्ड इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी आॅर्गेनाइजेशन ने मिलकर तैयार किया है। जीआईआई ने 80 मानकों पर 126 अर्थव्यवस्थाओं की रैंकिंग की है। यह इसका 11वां संस्करण है और यह नवाचार पर दुनियाभर के नीति निमार्ताओं के लिए अहम इनपुट बन चुका है। भले ही सूची में भारत 57वें स्थान पर है, लेकिन निम्न मध्यम आय समूह के मामले में भातर 5वें स्थान पर है। मध्य और दक्षिण एशिया क्षेत्र में भारत सर्वाधिक नवाचार देश है। निम्न और उच्च मध्यम आय समूह को साथ मिलाने पर नवाचार इनपुट-आउटपुट क्वालिटी को बताने वाले संकेतक के मुताबिक चीन के बाद भारत दूसरे स्थान पर है।