फतवा जारी करने वाले मौलाना जाएंगे जेल
   दिनांक 27-जुलाई-2018
निदा खान और फरहत नकवी के खिलाफ फतवा जारी करने वाले मौलानाओं पर एफआईआर दर्ज हो गई है, एफआईआर में शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम और काजी मुफ्ती अफजाल रज़वी का नाम है
 
निदा खान के समर्थन में वाराणसी में मुस्लिम महिलाओं ने आॅल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का पुतला जलाकर रोष जताया
 तलाक और हलाला पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रही आला हजरत हेल्पिंग सोसाइटी की अध्यक्ष निदा खान के खिलाफ लगातार दो फतवे जारी किए गए। पहले फतवे में उन्हें इस्लाम से खारिज कर दिया गया। दूसरे फतवे में निदा खान और मेरा हक़ फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी को देश से बाहर निकालने एवं चोटी काटने पर इनाम घोषित किया गया। निदा ने बरेली जनपद के थाना बारादरी में फतवा जारी करने वालो के खिलाफ अलग - अलग दो एफ.आई.आर दर्ज कराई हैं। निदा खान ने दोनों एफ.आई. आर में फतवा जारी करने वाले मौलानाओं के साथ साथ अपने पति को भी नामजद किया है। निदा का आरोप है कि फतवा जारी कराने की साजिश उनके पति ने रची है।
निदा ने अपनी शिकायत में शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम, फतवा तहरीर करने वाले काजी मुफ्ती अफजाल रज़वी और अपने पति शीरान रज़ा खान को नामजद किया है। निदा खान ने अपने पति शीरान रजा खान पर षड्यंत्र रच कर फतवा जारी कराने का आरोप लगाया है।
निदा खान ने फैजाने मदीना खान काउन्सिल के अध्यक्ष मोईन सिद्दीकी के खिलाफ भी बरेली जनपद के थाना बारादरी में एक दूसरी एफ.आई. आर दर्ज कराई है। इस एफ.आई. आर में भी उन्होंने ने अपने पति शीरान रजा खान को नामजद किया है। मोईन सिद्दीकी ने मेरा हक़ फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी और निदा खान के खिलाफ फतवा जारी किया था कि उनकी चोटी काट कर लाने वाले को 11 हजार 786 रूपये का इनाम दिया जाएगा
निदा खान ने बताया कि उनका निकाह वर्ष 2015 में हुआ था। कुछ ही समय बाद उनके ससुराल वाले उन्हें दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। दहेज ना मिलने पर ससुराल वालों ने उन्हें घर से निकाल दिया और उनके पति ने भी उन्हें तलाक दे दिया। निदा खान का आरोप है कि शीरान उनके खिलाफ फर्जी तलाकनामा और फतवे जारी कराने सरीखी साजिशों में शामिल हैं।

निदा खान कहती है " तत्काल तीन तलाक और हलाला गलत है और मैं इसके खिलाफ लड़ाई लड़ रही हूं मगर मेरे पति शीरान रज़ा ने फतवा जारी करा दिया। फतवे में कहा गया कि मुझे इस्लाम से खारिज कर दिया जाए और जिंदा न रहने दिया जाय। फतवा जारी करने के बाद मेरे परिवार को खतरा है। सुन्नी मुसलमान फतवे की वजह से मेरे खिलाफ हो गए हैं। फतवे के बाद से मेरा परिवार परेशान है। फतवा देने वाले मौलानाओं को प्रसन्न करने के लिए कुछ कट्टर मुसलमान मुझ पर और मेरे परिवार पर हमला करना चाहते हैं। डर के कारण हम लोग घर से बाहर भी नहीं निकल रहे हैं। हम लोगों का जीना दूभर हो गया है।"
उधर वाराणसी में मुस्लिम महिलाओं ने निदा खान के समर्थन में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का पुतला फूंका। तत्काल तीन तलाक और हलाला के खिलाफ आन्दोलन करने वाली निदा खान का वाराणसी की मुस्लिम महिलाओं ने समर्थन किया है.