ममता राज में फिर हुई भाजपा कार्यकर्ता की हत्या

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना के मंदिर बाजार के स्थानीय भाजपा नेता की सरेराह धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। पश्चिमी बंगाल में पंचायत चुनावों के बाद से लगातार भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले जारी हैं। मृतक भाजपा कार्यकर्ता के परिजनों और भाजपा नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया है
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में शुक्रवार को मंदिर बाजार के स्थानीय भाजपा नेता को बीच रास्ते मौत के घाट उतार दिया गया। उनकी पहचान शक्तिपदा सरदार के रूप में हुई है। वह भाजपा के मंडल समिति के सचिव थे। जानकारी के अनुसार घटना शुक्रवार रात की है। जब वह काम से वापस घर लौट रहे थे तो रास्ते में कुछ लोगों ने उन पर तेज धार वाले हथियार से हमला किया। स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बंगाल पुलिस की लापरवाही एवं असहयोग से बंगाल में फिर एक बार लोकतंत्र शर्मसार हुआ है। https://t.co/kxL5AAy4lB

— Kailash Vijayvargiya (@KailashOnline) July 28, 2018
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल पंचायत चुनावों में भाजपा के टिकट पर जीत हासिल करने वाले नेताओं को धमकी भरे खत आ रहे हैं। पुरुलिया के पंचायत समिति चुनाव में जीत हासिल करने वाले भारतीय जनता पार्टी के बिरंची कुमार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इससे पहले 11 जुलाई को पुरुलिया के तुरुहुलु गांव के पास लालमोहन और दीपक की हत्या कर दी गई थी। बंगाल भाजपा ने अपने ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट कर बताया था कि दोनों लोग भाजपा कार्यकर्ता थे। भाजपा ने उन हत्याओं के लिए सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया था। भाजपा का आरोप है कि तृणमूल सरकार के इशारे पर राज्य में राजनीतिक हत्याएं कर दहशत का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।