मुसलमानों में निकाह, हलाला और बहुविवाह के खिलाफ दायर याचिका सुनने को तैयार सुप्रीम कोर्ट

 याचिकाकर्ता समीना बेगम के वकील अश्विनी उपाध्याय ने न्यायालय से कहा कि उस पर याचिका वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है साथ ही धमकियां भी दी जा रही हैं। याचिकाकर्ता की जिंदगी खतरे में है ।

 

 

गर्मियों की छुट्टी के बाद सुप्रीम कोर्ट मुस्लिम समाज में चल रह कुप्रथाओं निकाह, हलाला और बहुविवाद को असंवैधानिक करार देने की याचिकाओं पर जल्द सुनवाई किए जाने पर विचार करेगा। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के सामने सोमवार को वरिष्ठ वकील वी शेखर ने कहा कि बहुविवाह और निकाह-हलाला को असंवैधानिक घोषित करने की मांग वाली याचिकाओं पर पांच सदस्यीय संविधान पीठ के समक्ष जल्द सुनवाई की जाए और मामले का निपटारा किया जाए।

पीठ ने पूरी बात सुनकर कहा कि इस पर विचार किया जाएगा। इस तीन सदस्यीय पीठ में मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविल्कर और डीवाई चंद्रचूड़ होंगे।

दिल्ली की रहने वाली एक याचिकाकर्ता समीना बेगम की ओर से पेश वकील अश्विनी उपाध्याय ने यह भी आरोप लगाया कि उस पर याचिका को वापस लेने का दबाव डाला जा रहा है। उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं और याचिकाकर्ता की जिंदगी खतरे में है। पीठ ने इस याचिका पर केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। केंद्र सरकार की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता याचिका के पक्ष में जवाब दाखिल करेंगे।

समीना बेगम के वकील अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि याचिकाकर्ता को बलात्कार और जान से मार दिए जाने की धमकियां दी जा रही हैं। हमने इसका उल्लेख सुप्रीम कोर्ट के सामने किया। न्यायालय ने कहा है कि वह जल्द ही इस मामले की सुनवाई की जाएगी। एएसजी तुषार मेहता केंद्र सरकार की तरफ से पेश होंगे और जल्द ही लिखित बयान फाइल करेंगे। क्या है हलाला हलाला इस्लाम में वह प्रथा है जिसके तहत यदि किसी तलाकशुदा महिला को दोबारा अपने पति से शादी( निकाह) करनी हो तो उसे पहले दूसरे पुरुष से शादी करनी होती है। इसके बाद ही वह अपने पूर्व पति से निकाह कर सकती है। इस तरह बहुविवाह प्रथा के तहत इस्लाम में पुरुष को चार महिलाओं से शादी करने का अधिकार है।

क्या है हलाला

हलाला इस्लाम में वह प्रथा है जिसके तहत यदि किसी तलाकशुदा महिला को दोबारा अपने पति से शादी( निकाह) करनी हो तो उसे पहले दूसरे पुरुष से शादी करनी होती है। इसके बाद ही वह अपने पूर्व पति से निकाह कर सकती है। इस तरह बहुविवाह प्रथा के तहत इस्लाम में पुरुष को चार महिलाओं से शादी करने का अधिकार है।