आखिर क्यों लक्ष्मण जी की मूर्ति लगाने का विरोध कर रहे मौलाना ?
   दिनांक 04-जुलाई-2018
इमामबाड़े के 100 मीटर के दायरे में निर्माण पर प्रतिबंध है बावजूद इसके मस्जिद में अवैध निर्माण किया गया। इस संबंध में आर्केलाजिकल सर्वे आॅफ इंडिया ने मस्जिद के शाही इमाम के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई थी। यही नहीं इस निर्माण को तोड़ने के लिए भी कहा गया था लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

 
टीले वाली मस्जिद के पास नगर निगम के पार्क में लक्ष्मण जी की मूर्ति लगाने के प्रस्ताव का विरोध करने वाले मुसलमान अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। जबकि लक्ष्मण जी की मूर्ति लगाने का प्रस्ताव नगर निगम की कार्यकारिणी से पास किया जा चुका है। अब सिर्फ यह देखना शेष है कि आर्केलाजिकल सर्वे आफ इंडिया से इसकी अनुमति लेना आवश्यक है या नहीं इस मामले पर विधिक राय आ जाने के बाद नगर निगम लक्ष्मण जी की भव्य मूर्ति लगाने की दिशा में आगे कदम उठाएगा। इस मामले में शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने खुलासा किया है कि मूर्ति लगाए जाने का विरोध रहे मौलाना और शाही इमाम ने खुद ही गलत तरीके से मस्जिद में निर्माण कराया था। इस मामले में वो लोग आरोपी हैं उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है।
इसका खुलासा सूचना के अधिकार के अंतर्गत मांगे गए एक पत्र के जवाब में पहले ही हो चुका है। लखनऊ के निवासी अजय वाजपेयी ने 27 सितम्बर 2017 को आर्केलाजिकल सर्वे आॅफ इंडिया को सूचना के अधिकार के अंतर्गत पत्र लिख कर यह जानकारी मांगी थी कि टीले वाली मस्जिद में निर्माण कराया गया है, जबकि इमामबाड़े के 100 मीटर के दायरे में कोई भी निर्माण कराने पर आर्केलाजिकल सर्वे आफ इंडिया ने रोक लगा रखी है। इस सम्बन्ध में क्या कार्रवाई की गई ? उक्त पत्र का जवाब देते हुए आर्केलाजिकल सर्वे आफ इंडिया की तरफ से यह बताया गया है कि इमामबाड़े के 100 मीटर के क्षेत्र में निर्माण पर प्रतिबन्ध है। इसके बावजूद वहा पर निर्माण कराया गया। इस पर आर्केलाजिकल सर्वे आफ इंडिया ने संबंधित लोगों के खिलाफ 9.8.2016 को अवैध निर्माण कराने के आरोप में एफआईआरदर्ज कराई थी। उनको कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था।

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आर्केलाजिकल सर्वे आॅफ इंडिया ने अपने पत्र के तीसरे पैराग्राफ में लिखा है कि कारण बताओ नोटिस और एफआईआर की कारवाई की गई। इसके बाद भी मस्जिद की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया तो विभाग ने अपने नई दिल्ली स्थित मुख्यालय को इस संबंध में की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। साथ में यह भी अनुरोध किया गया कि जो भी निर्माण बगैर अनुमति के कराया गया है उसे ध्वस्त करा दिया जाए। सूचना के अधिकार के अंतर्गत प्राप्त जानकारी के पत्र का हवाले देते हुए शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिज़वी ने पांचजन्य को बताया कि मस्जिद के शाही इमाम और उनके वालिद जिनका अब देहांन्त हो चुका है। इन दोनों लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इन लोगों को कोई अधिकार नहीं है कि वे लक्ष्मण जी की मूर्ति लगाए जाने का विरोध करें।