अखिलेश के विकास की पोल खुली, बारिश में धंसा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे
   दिनांक 02-अगस्त-2018
दो साल पहले आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करने के दौरान उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मीडिया के सामने एक्सप्रेस वे को विकास का मॉडल बताकर खूब सुर्खियां बटोरी थीं। 16000 करोड़ की लागत से इसका निर्माण पीएनसी सहित अन्य कंपनियों ने किया था लेकिन दूसरी बारिश में ही उनके दावों की पोल खुल गई। एक्सप्रेस—वे की सर्विस लेन 50 फीट धंस गई। चार लोगों की जान जाते—जाते बची
 
उत्तर प्रदेश में पिछले 10 दिनों से लगातार हो रही बारिश से बुधवार को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे की सर्विस लेन 50 फीट धंस गई। इसकी चपेट में एक कार आ गई। कार में सवार चार लोग बाल-बाल बच गए। यह घटना थाना डौकी क्षेत्र के वाजिद पुर पुलिया के पास हुई है। चारों लोग मुंबई से कार खरीदकर कन्नौज ले जा रहे थे।
पुलिस ने बताया कि रचित अपने रिश्तेदारों के साथ मुंबई इंडीवर कार खरीद कर कन्नौज जा रहे थे। रचित ने बताया, मैं गूगल मैप की सहायता से गाड़ी ड्राइव कर रहा था। बीच मे नेटवर्क फेल होने पर सर्विस लेन पर आ गया। सर्विस लेन पर गड्ढा दिखा, तो मैंने ब्रेक लगाए। स्पीड तेज होने की वजह से कार गड्ढे तक आ गई और तभी कार के नीचे की जमीन धंस गई। हम कार समेत 50 फीट नीचे चले गए। 

विदित हो कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 302 किमी लंबे इस एक्सप्रेस-वे का 21 नवंबर, 2016 को उद्घाटन किया था तो इस पर फाइटर प्लेन उतारकर इसकी मजबूती का दावा किया गया था। अब जबकि एक्सप्रेस—वे में जगह—जगह दरार आ गई हैं और सड़क धंस गई है तो योगी सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसे अपना ड्रीम प्रोजेक्ट कहा था लेकिन इसके निर्माण में बरती गई कोताही का नतीजा आज सबके सामने है। मुख्य रोड और सर्विस रोड में मिट्टी का भराव ठीक तरीके से नहीं हुआ। लगातार हो रही बारिश से दरारें बढ़ती जा रही हैं। रोड के किनारों की मिट्टी कटने से गहरे गड्ढे हो गए हैं। पत्थर नीचे लुढ़क गए हैं।
करीब 16000 करोड़ की लागत से इसका निर्माण पीएनसी सहित अन्य कंपनियों ने किया था। आगरा से 50 किमी की दूरी तक पीएनसी ने इसका निर्माण किया। पिछले दिनों हुई बारिश ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की पोल खोल दी है