हत्या पर आमादा गो-तस्कर
   दिनांक 29-अगस्त-2018
उत्तर प्रदेश के औरैया में गो-कशी का विरोध कर रहे साधुओं पर जानलेवा हमला/ हत्या स्पष्ट संकेत करता है कि राज्य में गो-तस्कर जिहादी सोच से संचालित हैं
पुलिस की गिरफ्त में हत्या के आरोपी सलमान , नदीम , रहीस खान , शहजाद , मजनू और जब्बार
उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में पिछले दिनों बिधूना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कुदरकोट गांव के भयानकनाथ मंदिर में दो साधुओं की गला रेत कर हत्या कर दी गई, वहीं अपराधी एक अन्य साधु रामशरण को मरणासंन्न अवस्था में छोड़कर फरार हो गए। इसे नृशंसता की पराकाष्ठा ही कहेंगे कि इसमें एक साधु लज्जाराम की हत्यारों ने जीभ तक काट ली। इस घटना के पीछे सिर्फ एक ही कारण था कि तीनों संन्यासी क्षेत्र में हो रही गोकशी का लगातार विरोध कर रहे थे। गो-तस्करों ने इस वीभत्स हत्याकांड को अंजाम देकर क्षेत्र में खौफ कायम करने का प्रयास किया है तो वहीं यह संदेश दिया कि इलाके में अगर कोई भी गोकशी का विरोध करेगा तो उसका यही हश्र होगा।
गौरतलब है कि 15 अगस्त की सुबह 6 बजे अलोपी देवी मंदिर के पुजारी श्यामू चौरसिया जब भयानकनाथ मंदिर में पूजा करने आये तब उन्होंने मंदिर का दरवाजा बंद पाया। इसके बाद वे मंदिर परिसर में बनी कुटिया में गए, जहां तीनों साधु रात्रि निवास किया करते थे। वे जैसे ही कुटिया में पहुंचे तो वहां पर साधु लहूलुहान अवस्था में पड़े थे। तीनों साधुओं के हाथ-पैर चारपाई से बंधे हुए थे, जिसमें मरणासन्न साधु रामशरण कराहते मिले। इस घटना की खबर आग की तरह पूरे गांव में फैल गई और लोग घटनास्थल पर जुटने लगे। पुलिस भी सूचना पाकर मौके पर पहुंची। तब तक गंभीर रूप से घायल रामशरण की सांस चल रही थी, जिन्हें पुलिस और ग्रामीणों की मदद से तत्काल सैफई के अस्पताल भेजा गया।
दरअसल इस घटना के पीछे अभी तक जो बातें सामने आई हैं, उसके मुताबिक इन साधुओं ने कुछ दिन पहले क्षेत्र में हो रही गोकशी की शिकायत पुलिस से की थी। साधु लज्जाराम की शिकायत पर पुलिस ने दो गो-तस्करों को छापा मारकर पकड़ा था। इसका बदला लेने के लिए गो-तस्करों ने तीनों साधुओं की हत्या का मानस बनाया और 14 अगस्त की रात को वारदात को अंजाम दिया। जैसे ही क्षेत्र के लोगों को इस घटना की जानकारी हुई, उनमें आक्रोशित जनता ने बाजार में तोड़फोड़ और आगजनी की। पुलिस ने स्थिति से निबटने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और हवा में गोली चलाकर किसी तरह से नियंत्रण पाया। इलाके में बढ़ते तनाव को देखकर औरैया के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक नागेश्वर सिंह एवं कानपुर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक आलोक कुमार ने भी मौके का मुआयना किया और आक्रोशित लोगों को जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाकर शांत किया। हालांकि तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए प्र्रशासन ने गांव में पी. ए. सी. तैनात कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह एवं प्रमुख सचिव गृह अरविन्द कुमार को निर्देश दिया कि इस हत्याकांड का खुलासा जल्द से जल्द किया जाए। चूंकि मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आ चुका था सो पुलिस ने इसमें तत्परता दिखाई और छह टीमें गठित कर हत्याकांड का खुलासा करने के लिए कमर कस ली। पुलिस ने प्रथमदृष्टया छानबीन में पाया कि जहां घटना घटित हुई, उस मंदिर से कुछ ही दूरी पर गोकशी की जाती थी और गाय के अवशेषों को आसपास फेंक दिया जाता था। जांच में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने 18 अगस्त को औरैया के बम्बा पुलिया चौपुला माडल के पास से हत्यारोपी 5 गो-तस्करों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। औरैया के पुलिस अधीक्षक बताते हैं,‘‘पुलिस ने साधुओं की हत्या के आरोप में सलमान, नदीम, रहीस खान, शहजाद, मजनू और जब्बार को गिरफ्तार किया है। इन अभियुक्तोंने साधुओं पर हमले और हत्या को स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा घटना से जुड़े गफ्फार, शाहबाज, चुन्नू, छोटे, दानिश, राजा एवं चांद खबर लिखे जाने तक फरार थे।
शिकायत के बाद की थी साजिश
साधु लज्जाराम द्वारा पुलिस में शिकायत किये जाने के बाद इन जिहादियों ने मंदिर के पास की कुटिया में रहने वाले साधुओं की हत्या का षड्यंत्र रचा था। उन्होंने तय किया था कि साधुओं को इतनी बेरहमी से मारा जाए ताकि देखने वाले के रोंगटे खड़े हो जाएं और कोई भी व्यक्ति गो-तस्करी की शिकायत पुलिस में करने से डरे। अपराधियों ने अपनी साजिश के मुताबिक रात के समय सो रहे साधुओं को चारपाई से बांध दिया था ताकि वे अपना बचाव ना कर सकें। उसके बाद उन्होंने बड़ी बेरहमी से उनकी हत्या कर दी। 
आपराधिक तत्वों पर होगी कड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए पुलिस को हत्या से जुड़े सभी अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ऐसे किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं करेगी और ऐसे आपराधिक तत्वों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए दोनों मृतक साधुओं के परिवार को पांच-पांच लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा की और एक घायल साधु को एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिए जाने का निर्देश दिया है।
सख्ती के बाद भी गो-तस्करों के हौसले बुलंद
  • जनवरी, 2018 में मेरठ के कुछ इलाकों में गोकशी की घटनाएं सामने आई थीं। थाना सरूरपुर के अंतर्गत -पांचाली बुजुर्ग, सुलतान नगर, हर्रा एवं खिवाई आदि इलाकों में गोकशी की घटनाएं हुर्इं।
  • 11 अप्रैल, 2018 को मेरठ के थाना किठौर क्षेत्र के ललियाना ग्राम से लगे जंगल में गोकशी को अंजाम दिया जा रहा था। सूचना पाकर जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो गोतस्करों ने गोलियां चलानी शुरू कर दीं। कुछ देर तक चली मुठभेड़ के बाद पुलिस ने जाकिर नाम के अपराधी को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 1 क्विंतल गोमांस बरामद हुआ।
  • 8 जून, 2018 को बुलंदशहर के कोतवाली देहात थाना अंतर्गत ककोड़ कस्बे में गोकशी की घटना हुई। जब तक पुलिस मौके पर पहुंचती, तब तक अपराधी फरार हो चुके थे। इलाके में व्याप्त तनाव को देखते हुए पुलिस ने फुर्ती दिखाई और यासीन, इमरान, आबिद, हारून , कदीर, इकबाल, इन्तजार को गोहत्या के आरोप में गिरफ्तार किया।
  • 10 जनवरी, 2017 को लखीमपुर खीरी के रामनगर गांव में दस गायों के अवशेष मिले। गोकशी की घटना के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए। पुलिस ने उनके दबाव में गोहत्यारों के खिलाफ मुकदमा कायम किया लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इस पर थाना धौरहरा के प्रभारी को निलंबित कर दिया गया।
  • 28 जून, 2017 को मुज्जफरनगर के कोतवाली थाना क्षेत्र की पुलिस ने दबिश देकर तीन गोहत्यारों को गिरफ्तार किया। घटनास्थल से गोवंश बरामद हुआ। पुलिस जब अपराधियों को गिरफ्तार कर लौट रही थी तो अपराधियों के हमदर्दों ने उस पर हमला कर दिया। पुलिस किसी तरह उनसे बचते-बचते कोतवाली पहुंची।
  • 17 अगस्त, 2017 को बहराइच के थाना रिसिया अंतर्गत उटघनिया गांव में गोकशी की घटना पर पुलिस मौके पर पहुंची। मौके पर मृत गोवंश के अवशेष मिले।