दिल्ली के ब्रह्मपुरी में हिंदू क्यों कर रहे पलायन ?
   दिनांक 29-अगस्त-2018
 
उत्तर प्रदेश का कैराना याद है न वही कैराना जहां से हिंदुओं के पलायन का मुद्दा उठा था और देखते ही देखते राष्ट्रीय विमर्श का विषय बन गया था। मुसलमानों की बढ़ती आबादी व क्षेत्र में हो रही गुंडागर्दी के कारण वहां से बड़ी संख्या में हिंदू पलायन कर चुके हैं। ऐसी ही स्थिति दिल्ली की ब्रह्मपुरी कॉलोनी में होती जा रही है। यहां की गली नंबर आठ में कई दशकों से रह रहे हिंदुओं ने पलायन शुरू कर दिया है। वजहेें कैराना जैसी ही हैं

गली नंबर आठ ब्रहृमपुरी में पुलिस तैनात है। मीडिया में मामला सुर्खियों में आने के बाद पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई है। गली में हिंदुओं और मुसलमानों दोनों के परिवार हैं। इस गली में हिंदुओं के परिवार भी ज्यादा हैं और मुसलमानों के कम लेकिन आसपास का इलाका मुस्लिम बहुल है। गली में कई मकानों पर 'यह मकान बिकाऊ हैं' के बोर्ड लगे हैं।
गली में रहने वाले निशांत ने बताया कि विवाद तब शुरू हुआ जब गली में एक घर में जबरदस्ती मस्जिद बनाए जाने की कोशिश शुरू हुई। गली के लोगों ने विरोध किया तो 9 अगस्त की रात को हजारों की संख्या में मुसलमानों की भीड़ ने एकत्रित होकर रात को मजहबी नारे लगाए। डरे सहमे हिंदू अपने घरों में दुबके हुए थे। मौके पर पुलिस तैनात होने के कारण दंगा होने से बच गया नहीं तो स्थिति बेहद खराब थी।

गली नंबर आठ में रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि यहां गली नंबर आठ में एक फैक्ट्री में कुछ लोग मस्जिद बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी गली में तीस के करीब हिन्दू परिवार तो दर्जनभर मुस्लिम परिवार रहते हैं। इस बीच कुछ लोगों ने फैक्ट्री की जमीन खरीद ली और वहां मस्जिद बनाने की कवायद शुरू हो गई। जुम्मे के दिन वहां बड़ी संख्या में लोग नमाज भी पढ़ने के लिए आने लगे। इस पर गली के लोगों ने ऐतराज किया और पुलिस को मामले की जानकारी दे दी।
पुलिस वहां पहुंची और उस प्लॉट पर ताला लगाकर हिंदुओं और मुसलमानों को समझा—बुझाकर मामला शांत करा दिया। इस बीच 9 अगस्त की रात की मुसलमानों की भीड़ एकत्रित हुई और उन्होंने गली में शोर—शराबा शुरू कर दिया। रात को मजहबी नारे लगाए गए। हिंदू परिवारों से कई फोन पुलिस को रात को किए गए। दंगे जैसी स्थिति थी। भारी संख्या में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कर स्थिति को संभाला। अब गली के हिंदुओं को धमकी दी जा रही है।
गली के लोगों का कहना है कि मुसलमान लड़के बाइकों पर आते हैं और गंदी—गंदी गालियां देते हुए गली से निकलते हैं। यही नहीं गली में सिलेंडर ब्लास्ट करने की भी धमकियां हिंदुओं के परिवारों को दी जा रही हैं।

 
गली में पिछले 50 साल से रह रहे अशोक शर्मा का कहना है कि कि मामला संभल जाता लेकिन सीलमपुर के विधायक हाजी इशराक खान यहां पर नमाज पढ़ने पहुंच गए। इसके बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया। क्षेत्रीय नेता भी इस मामले पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह 50 साल से यहां रह रहे हैं। गली का नाम पांडव गली है। पिछले कुछ सालों में यहां तेजी से मुस्लिम आबादी बढ़ी इसके चलते हिंदुओं के काफी परिवार यहां से पलायन कर गए। गली बंद हैं, यदि यहां मस्जिद बनती है तो गली में रहना मुश्किल हो जाएगा।
गली में रहने वाले रामनिवास शर्मा ने बताया कि अब गली में पुलिस ने कैमरे लगवा दिए हैं।
फिलहाल गली में पुलिस में तैनात है। मीडिया में मामला आने के बाद पुलिस की संख्या बढ़ा दी गई है। मंगलवार देर रात तक पुलिस के सामने दोनों पक्षों की बैठक हुई है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द मामले को सुलझा दिया जाएगा।