निवेश का राजमार्ग लाएगा रोजगार

उत्तर प्रदेश में देश के शीर्ष उद्योगपति बड़ी पूंजी लगाकर कारोबार की शुरुआत करने जा रहे हैं। इससे राज्य के 2,00000 बेरोजगारों को रोजगार मिलने की संभावना है। उम्मीद है कि यह राज्य भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाएगा

 लखनऊ में आयोजित निवेशक सम्मेलन में कारोबारियों को सम्मानित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। साथ में है (बाएं से) राजनाथ सिंह, राम नाइक, योगी आदित्यनाथ एवं अन्य गत 28-29 जुलाई को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में निवेशक सम्मेलन आयोजित हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 60,000 करोड़ रुपए की लागत वाली 81 योजनाओं का शिलान्यास किया। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने इसी वर्ष फरवरी माह में पहला निवेशक सम्मेलन आयोजित किया था। उद्योगपतियों ने उसमें बड़ी संख्या में हिस्सा लिया था। उन सभी ने 4 लाख 48 हजार करोड़ रुपए निवेश करने के वायदे के साथ संबंधित पत्रों पर हस्ताक्षर किए थे। लेकिन उस समय विरोधियों ने यह कहते हुए निवेशक सम्मेलन की आलोचना की थी कि निवेश की बात तो पहले भी कारोबारियों ने की थी, लेकिन किसी ने निवेश नहीं किया। इस कारण योगी सरकार ने निवेश को धरातल पर उतारने के लिए कड़ी मेहनत की। संबंधित सभी विभागों को तेजी से काम करने के लिए कहा गया। इसका परिणाम यह हुआ कि मात्र छह महीने में 60,000 करोड़ रुपए का निवेश हो गया। इस निवेश के दीवाली से पहले तक 70,000 करोड़ रुपए होने की कोशिश है। कहा जा रहा है कि इस निवेश से 2,00,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। इस निवेश का सबसे बड़ा उद्देश्य यही है कि ज्यादा से ज्यादा बेरोजगारों को रोजगार मिले। योजनाओं का शिलान्यास करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश का मिजाज बदल रहा है। इस दौर में देश के नागरिकों पर भरोसा करने की जरूरत है। देश के संपन्न और सक्षम नागरिक ईमानदारी से सब्सिडी और अन्य सुविधाओं को छोड़ने के लिए आगे आ रहे हैं। देश के सवा करोड़ लोग रसोई गैस की सब्सिडी छोड़ चुके हैं। देशभर में 40 लाख वरिष्ठ नागरिक रेल यात्रा में मिलने वाली रियायत को छोड़ चुके हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने राज्य में निवेश लाने के लिए पिछले छह महीने में कड़ी मेहनत की है। यदि मन में किसी काम को पूरा करने की प्रतिबद्धता हो तो रास्ते अपने आप खुल जाते हैं। योगी सरकार ने अपनी लगन और समर्पण से यह लक्ष्य हासिल किया है। आदित्य बिड़ला ग्रुप के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि वे अगले तीन वर्ष में रसायन और सीमेंट के क्षेत्र में 25,000 करोड़ रुपए का निवेश करेंगे। उन्होंने बताया मेरे दादा जी. डी. बिड़ला के समय से उत्तर प्रदेश से रिश्ता बना हुआ है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में हिंडाल्को फैक्ट्री लगाई थी। इसमें 13,000 से ज्यादा लोगों को सीधे तौर पर रोजगार मिला हुआ है। अडानी ग्रुप के अध्यक्ष गौतम अडानी ने कहा कि पहले चरण के निवेश में 2,500 करोड़ रुपए की योजना की शुरुआत हो चुकी है। इसमें घाटमपुर-हापुड़ ट्रांसमिशन लाइन बनने जा रही है। आगे चलकर उत्तर प्रदेश में 36,500 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। एस्सेल ग्रुप के अध्यक्ष सुभाष चंद्रा ने कहा कि वे उत्तर प्रदेश के 18 शहरों में इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन उतारेंगे। 25,000 ई रिक्शा और 25,000 आॅटो रिक्शा भी सड़कों पर उतरेंगे। इससे इनके चालकों की आमदनी बढ़ेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के गांवों में जिन लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास दिए गए थे, उनकी आर्थिक स्थिति में बदलाव आया है। इस कारण 46,000 लोगों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के आवास वापस कर दिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगले कुछ महीने में 70,000 करोड़ रुपए की योजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के हर कोने तक विकास को पहुंचाया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय ने बताया कि राज्य में आधा दर्जन से ज्यादा औद्योगिक क्षेत्र में नई नीतियां बनाई गर्इं। औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति - 2017, यूपी फूड प्रोसेसिंग नीति-2017, आई़ टी. और स्टार्ट-अप पॉलिसी 2017, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण नीति 2017, यूपी सौर ऊर्जा नीति 2017, नागरिक उड्डयन नीति 2017, यूपी एम़ एस़ एम. ई. एंड एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी 2017 एवं नई वस्त्र नीति बनाई गई। इसका परिणाम है कि निवेश के जो प्रस्ताव आए थे, उसमें से अधिकतम को अमली जामा पहनाया जा चुका है। लोग कह रहे हैं कि राज्य में यदि इसी रफ्तार से निवेश होता रहा तो आने वाले कुछ बरसों में उत्तर प्रदेश की छवि देश-दुनिया में बदल जाएगी। इसका लाभ राज्य को तो होगा ही, साथ ही देश की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। योगी सरकार इसी कोशिश में लगी है। एक जनपद : एक उत्पाद जापान ने करीब 30 वर्ष पूर्व आर्थिक और औद्योगिक विकास में तेजी लाने के लिए ‘एक गांव, एक उत्पाद’ की योजना शुरू की थी। उसी की तर्ज पर उत्तर प्रदेश ‘एक जनपद : एक उत्पाद’ की योजना में शुरू की गई है। इस योजना के अंतर्गत हर जनपद से एक उत्पाद को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य है जनपदों में चिन्हित उत्पादों का समग्र विकास करना और रोजगार पैदा करना। यह योजना पांच वर्ष तक चलेगी। इसका लाभ उन लोगों को मिलेगा, जो उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं और किसी बैंक से कर्ज अदायगी के मामले में चूककर्ता नहीं हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय ने बताया कि योजना को लोगों तक पहुंचाने के लिए लखनऊ, वाराणसी, इलाहाबाद , बाराबंकी एवं बरेली में गांधी शिल्प हाट लगाई जाएगी। कानपुर, अलीगढ़, गोरखपुर एवं बुलंदशहर में क्राफ्ट बाजार एवं इसके अलावा अन्य जनपदों में भी प्रदर्शनी लगाई जाएगी। प्रदेश में 30 और अंतरराष्ट्रीय स्तर के आठ मेले आयोजित होंगे। ये हैं निवेशक रिलायंस जियो आईटी सेक्टर में 10,000 करोड़ रुपए का निवेश कर रही है। तो टेग्ना इलेक्ट्रानिक्स 5,000 करोड़ रुपए का निवेश कर रही है। इससे 30,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। आई टी सेक्टर में इनफोसिस के 5,000 करोड़ रुपए के निवेश की शुरुआत हो चुकी है। योजना पूरी होने पर 14,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। पेटीएम योजना की भी औपचारिक शुरुआत हो गई है। पेटीएम 3,500 करोड़ रुपए का निवेश आई टी सेक्टर में करने जा रहा है। इससे 14,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। अडानी पावर बिजली क्षेत्र में 2,500 करोड़ रुपए का निवेश कर रही है। टीसी एसआईटी सेक्टर में 2300 करोड़ रुपए का निवेश कर रही है। इससे 30,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में पतंजलि 2,118 करोड़ रुपए का निवेश कर रहा है। इससे 8,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। लूलू ग्रुप रियल स्टेट में 2,000 करोड़ रुपए का निवेश करेगा। इससे 10,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसी प्रकार कनोडिया ग्रुप 1,200 करोड़ रुपए निवेश कर सीमेंट की फैक्ट्री लगा रहा है। इससे करीब 800 लोगों को रोजगार मिलेगा। रियल इस्टेट में मिलेगाफोनिक्स 800 करोड़ रुपए का निवेश करेगा। इससे 3,500 लोगों को रोजगार मिलेगा। स्पर्श इंडस्ट्रीज ग्रुप उत्पादन के क्षेत्र में 600 करोड़ रुपए का निवेश कर 500 लोगों को रोजगार देने जा रहा है। इस तरह की अनेक कंपनियों ने निवेश करने का वायदा किया है।

 लखनऊ में आयोजित निवेशक सम्मेलन में कारोबारियों को सम्मानित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। साथ में है (बाएं से) राजनाथ सिंह, राम नाइक, योगी आदित्यनाथ एवं अन्य

 

लखनऊ में आयोजित निवेशक सम्मेलन में कारोबारियों को सम्मानित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। साथ में है (बाएं से) राजनाथ सिंह, राम नाइक, योगी आदित्यनाथ एवं अन्य

गत 28-29 जुलाई को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में निवेशक सम्मेलन आयोजित हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 60,000 करोड़ रुपए की लागत वाली 81 योजनाओं का शिलान्यास किया। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने इसी वर्ष फरवरी माह में पहला निवेशक सम्मेलन आयोजित किया था। उद्योगपतियों ने उसमें बड़ी संख्या में हिस्सा लिया था। उन सभी ने 4 लाख 48 हजार करोड़ रुपए निवेश करने के वायदे के साथ संबंधित पत्रों पर हस्ताक्षर किए थे। लेकिन उस समय विरोधियों ने यह कहते हुए निवेशक सम्मेलन की आलोचना की थी कि निवेश की बात तो पहले भी कारोबारियों ने की थी, लेकिन किसी ने निवेश नहीं किया।

इस कारण योगी सरकार ने निवेश को धरातल पर उतारने के लिए कड़ी मेहनत की। संबंधित सभी विभागों को तेजी से काम करने के लिए कहा गया। इसका परिणाम यह हुआ कि मात्र छह महीने में 60,000 करोड़ रुपए का निवेश हो गया। इस निवेश के दीवाली से पहले तक 70,000 करोड़ रुपए होने की कोशिश है। कहा जा रहा है कि इस निवेश से 2,00,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। इस निवेश का सबसे बड़ा उद्देश्य यही है कि ज्यादा से ज्यादा बेरोजगारों को रोजगार मिले।

योजनाओं का शिलान्यास करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश का मिजाज बदल रहा है। इस दौर में देश के नागरिकों पर भरोसा करने की जरूरत है। देश के संपन्न और सक्षम नागरिक ईमानदारी से सब्सिडी और अन्य सुविधाओं को छोड़ने के लिए आगे आ रहे हैं। देश के सवा करोड़ लोग रसोई गैस की सब्सिडी छोड़ चुके हैं। देशभर में 40 लाख वरिष्ठ नागरिक रेल यात्रा में मिलने वाली रियायत को छोड़ चुके हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने राज्य में निवेश लाने के लिए पिछले छह महीने में कड़ी मेहनत की है। यदि मन में किसी काम को पूरा करने की प्रतिबद्धता हो तो रास्ते अपने आप खुल जाते हैं। योगी सरकार ने अपनी लगन और समर्पण से यह लक्ष्य हासिल किया है।

आदित्य बिड़ला ग्रुप के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि वे अगले तीन वर्ष में रसायन और सीमेंट के क्षेत्र में 25,000 करोड़ रुपए का निवेश करेंगे। उन्होंने बताया मेरे दादा जी. डी. बिड़ला के समय से उत्तर प्रदेश से रिश्ता बना हुआ है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में हिंडाल्को फैक्ट्री लगाई थी। इसमें 13,000 से ज्यादा लोगों को सीधे तौर पर रोजगार मिला हुआ है। अडानी ग्रुप के अध्यक्ष गौतम अडानी ने कहा कि पहले चरण के निवेश में 2,500 करोड़ रुपए की योजना की शुरुआत हो चुकी है। इसमें घाटमपुर-हापुड़ ट्रांसमिशन लाइन बनने जा रही है। आगे चलकर उत्तर प्रदेश में 36,500 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। एस्सेल ग्रुप के अध्यक्ष सुभाष चंद्रा ने कहा कि वे उत्तर प्रदेश के 18 शहरों में इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन उतारेंगे। 25,000 ई रिक्शा और 25,000 आॅटो रिक्शा भी सड़कों पर उतरेंगे। इससे इनके चालकों की आमदनी बढ़ेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के गांवों में जिन लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास दिए गए थे, उनकी आर्थिक स्थिति में बदलाव आया है। इस कारण 46,000 लोगों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के आवास वापस कर दिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगले कुछ महीने में 70,000 करोड़ रुपए की योजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के हर कोने तक विकास को पहुंचाया जाएगा।

उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय ने बताया कि राज्य में आधा दर्जन से ज्यादा औद्योगिक क्षेत्र में नई नीतियां बनाई गर्इं। औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति - 2017, यूपी फूड प्रोसेसिंग नीति-2017, आई़ टी. और स्टार्ट-अप पॉलिसी 2017, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण नीति 2017, यूपी सौर ऊर्जा नीति 2017, नागरिक उड्डयन नीति 2017, यूपी एम़ एस़ एम. ई. एंड एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी 2017 एवं नई वस्त्र नीति बनाई गई। इसका परिणाम है कि निवेश के जो प्रस्ताव आए थे, उसमें से अधिकतम को अमली जामा पहनाया जा चुका है।

लोग कह रहे हैं कि राज्य में यदि इसी रफ्तार से निवेश होता रहा तो आने वाले कुछ बरसों में उत्तर प्रदेश की छवि देश-दुनिया में बदल जाएगी। इसका लाभ राज्य को तो होगा ही, साथ ही देश की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। योगी सरकार इसी कोशिश में लगी है।

एक जनपद : एक उत्पाद

जापान ने करीब 30 वर्ष पूर्व आर्थिक और औद्योगिक विकास में तेजी लाने के लिए ‘एक गांव, एक उत्पाद’ की योजना शुरू की थी। उसी की तर्ज पर उत्तर प्रदेश ‘एक जनपद : एक उत्पाद’ की योजना में शुरू की गई है। इस योजना के अंतर्गत हर जनपद से एक उत्पाद को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य है जनपदों में चिन्हित उत्पादों का समग्र विकास करना और रोजगार पैदा करना। यह योजना पांच वर्ष तक चलेगी। इसका लाभ उन लोगों को मिलेगा, जो उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं और किसी बैंक से कर्ज अदायगी के मामले में चूककर्ता नहीं हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय ने बताया कि योजना को लोगों तक पहुंचाने के लिए लखनऊ, वाराणसी, इलाहाबाद , बाराबंकी एवं बरेली में गांधी शिल्प हाट लगाई जाएगी। कानपुर, अलीगढ़, गोरखपुर एवं बुलंदशहर में क्राफ्ट बाजार एवं इसके अलावा अन्य जनपदों में भी प्रदर्शनी लगाई जाएगी। प्रदेश में 30 और अंतरराष्ट्रीय स्तर के आठ मेले आयोजित होंगे।

ये हैं निवेशक

रिलायंस जियो आईटी सेक्टर में 10,000 करोड़ रुपए का निवेश कर रही है। तो टेग्ना इलेक्ट्रानिक्स 5,000 करोड़ रुपए का निवेश कर रही है। इससे 30,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। आई टी सेक्टर में इनफोसिस के 5,000 करोड़ रुपए के निवेश की शुरुआत हो चुकी है। योजना पूरी होने पर 14,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। पेटीएम योजना की भी औपचारिक शुरुआत हो गई है। पेटीएम 3,500 करोड़ रुपए का निवेश आई टी सेक्टर में करने जा रहा है। इससे 14,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। अडानी पावर बिजली क्षेत्र में 2,500 करोड़ रुपए का निवेश कर रही है। टीसी एसआईटी सेक्टर में 2300 करोड़ रुपए का निवेश कर रही है। इससे 30,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में पतंजलि 2,118 करोड़ रुपए का निवेश कर रहा है। इससे 8,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। लूलू ग्रुप रियल स्टेट में 2,000 करोड़ रुपए का निवेश करेगा। इससे 10,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसी प्रकार कनोडिया ग्रुप 1,200 करोड़ रुपए निवेश कर सीमेंट की फैक्ट्री लगा रहा है। इससे करीब 800 लोगों को रोजगार मिलेगा। रियल इस्टेट में मिलेगाफोनिक्स 800 करोड़ रुपए का निवेश करेगा। इससे 3,500 लोगों को रोजगार मिलेगा। स्पर्श इंडस्ट्रीज ग्रुप उत्पादन के क्षेत्र में 600 करोड़ रुपए का निवेश कर 500 लोगों को रोजगार देने जा रहा है। इस तरह की अनेक कंपनियों ने निवेश करने का वायदा किया है।