सुधीर फड़के जी के गीतों में जीवन का स्पर्श था
   दिनांक 08-अगस्त-2018
 
 कार्यक्रम को संबोधित करते श्री मोहनराव भागवत
सुधीर फड़के जी ने जिस तरह अपना जीवन व्यतीत किया, जो तेजस्विता, भावनाओं की उत्कटता उन्होंने अपने जीवन में पाई, उसी की झलक उनके गीतों में मिलती है। उदात्त, उत्कट मूल्यों को साथ लेकर और सत्यता का साथ छोड़े बिना उन्होंने अपना जीवनकाल पूर्ण किया। उनके गीतों मे पाई जाने वाली सुगंध उनकी उत्कृष्टता के लिये की गई तपश्चर्या का प्रतीक है।’’ ये बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत ने कहीं। वे गत दिनों मुंबई में मराठी व हिन्दी सिनेमा के सुप्रसिद्ध गायक-संगीत निर्देशक और प्रखर राष्ट्रभक्त सुधीर फड़के उपाख्य बाबूजी के जन्मशताब्दी वर्ष पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक एवं नागालैंड के राज्यपाल श्री पद्मनाभ आचार्य ने भी अपने विचार रखे।
(विसंकें, मुंबई)