नन से दुष्कर्म मामले में क्यों नहीं हो रही गिरफ्तारी ?

चर्च का चेहरा सबके सामने हैं। केरल में नन एकत्रित होकर दुष्कर्म करने के आरोपी बिशप को गिरफ्तार करने की मांग कर रही हैं लेकिन केरल पुलिस पूछताछ तो कर रही है पर गिरफ्तारी नहीं क्यों ? केरल के एक विधायक द्वारा दुष्कर्म पीड़िता नन के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की जा रही है लेकिन फिर भी सेकुलर मीडिया चुप है, बुद्धिजीवी चुप हैं, आखिर क्यों ?

 

ऐसे कई सवाल हैं जिनका कथित आधुनिकतावादी बुद्धिजीवियों और सेकुलर मीडिया के पास कोई जवाब नहीं है। केरल में नन के दुष्क्र्म मामले में पुलिस कि निष्क्रियता को लेकर विभिन्न कैथोलिक सुधार संगठनों के सदस्यों ने शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में कोट्टयम की पांच ननों ने भी हिस्सा लिया। जिस नन ने जालंधर डाइसिस के बिशप फ्रैंको मुलक्कल पर 14 बार दुष्कर्म करने आरोप लगाया है वह भी कोट्टयम की ही रहने वाली हैं।

जब न्याय नहीं मिला तो ननों ने प्रदर्शन किया। ननों का कहना है कि चर्च ने पीड़ित को न्याय दिलाने से इनकार कर दिया है।

सरकार और पुलिस दोनों से नहीं मिल रहा न्याय

केरल में कानून व्यवस्था का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राज्य के विधायक पी एस जॉर्ज ने दुष्कर्म पीड़िता नन को वेश्या कह दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के विधायक पी एस जॉर्ज ने नन को वेश्या कह दिया। उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि नन वेश्या है। 12 बार मजे लिए और 13वीं बार बलात्कार हो गया। पहली बार में शिकायत दर्ज क्यों नहीं कराई। पुलिस ने भी आरोपी बिशप फ्रांको मुलक्कल के खिलाफ कार्रवाई शुरू नहीं की। पुलिस ने आरोपी बिशप से पूछताछ तो कही लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की। अगस्त में केरल पुलिस की टीम जालंधर आई थी। पहले 9 अगस्त फिर 13 अगस्त को बिशप से पूछताछ हुई लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।

 

कोर्ट के सामने पुलिस ने कहा जांच के बाद ही होगी गिरफ्तारी

केरल कैथोलिक चर्च रिफोर्मेशन मूवमेंट ने इस संबंध में केरल हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल कर केरल पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। पीआईएल में पूछा गया था कि पुलिस मामले की जांच इतनी धीरे क्यों कर रही है। जवाब में केरल की कोट्टयम पुलिस के डीएसपी के. सुभाष ने कोर्ट को सूचना दी थी कि उनकी टीम मामले की जांच प्रभावी और निष्पक्ष ढंग से कर रही है। इसके बाद कोर्ट मे पीआईएल को खारिज करते हुए कहा था कि पुलिस मामले में सही तरीके से जांच कर रही है। केरल सरकार के अधिवक्ता ने जस्टिस बी. सुधींदरा कुमार को सूचित किया था, बिशप डॉ फ्रेंको मुलक्कल की गिरफ्तारी पूछताछ के बाद सभी तथ्यों को जांच परखकर ही जाएगी।

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