मंत्रालयम् में समन्वय बैठक संपन्न
   दिनांक 11-सितंबर-2018
  
 बैठक के मंच पर हैं ( बाएं से) श्री मोहनराव भागवत, स्वामी सुबूदेंद्र तीर्थ जी और भैयाजी जोशी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय समन्वय बैठक 31 अगस्त से 2 सितंबर तक मंत्रालयम् (आंध्र प्रदेश) में आयोजित हुई। तुंगभद्रा नदी के किनारे स्थित राघवेंद्र मठ में आयोजित इस बैठक का शुभारंभ सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत, सरकार्यवाह श्री भैयाजी जोशी की उपस्थिति में स्वामी सुबूदेन्द्र तीर्थ जी के आशीर्वचन से हुआ।
स्वामी जी ने कहा कि हम सबके प्रयत्नों से हिंदू समाज का जागरण और हिंदू धर्म की पुनर्प्रतिष्ठा शीघ्रातिशीघ्र हो। स्वामी जी ने यह भी कहा कि भारत दुनिया के अन्य देशों की तुलना में सर्वश्रेष्ठ है और यह देश समस्त साधु-संतों के अवतरण का पवित्र कार्यक्षेत्र है। भारत सभी देशों में जगद्गुरु के स्थान पर है। यह देश पवित्र नदियों और पुण्य क्षेत्रों का स्थान है। बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्यों और समाज जीवन के विविध क्षेत्रों में कार्यरत संगठनों (सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक, शिक्षा, सेवा) के अखिल भारतीय पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक परिदृश्य, कृषि, पर्यावरण, जल संरक्षण सहित अन्य समसामायिक विषयों पर चर्चा हुई।
बैठक के बारे में अ़ भा़ प्रचार प्रमुख श्री अरुण कुमार ने बताया कि यह किसी प्रकार का निर्णय करने वाली बैठक नहीं थी। प्रतिवर्ष दो बार सितम्बर और जनवरी माह में यह बैठक होती है। यह परंपरा पिछले अनेक वर्षो से चल रही है। उन्होंने कहा कि समाज जीवन के बहुत से क्षेत्रों में बहुत लोग काम करते हैं। वहां अनेक वरिष्ठ और प्रतिष्ठित लोगों से मिलना भी होता है। कार्यकर्ता अपने समस्त अनुभवों को अन्य कार्यकर्ताओं तक पहुंचा सकें, इसलिए यह बैठक होती है।
बैठक के अंतिम दिन पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. मनमोहन वैद्य ने कहा कि केरल में बाढ़ की आपदा से निपटने के लिए सेवा भारती के प्रयासों के साथ पूरा देश खड़ा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रांतवाद, जातिवाद और संप्रदाय के नाम पर घृणा पैदा करने वालों को विफल करने के लिए सभी को एक साथ आना होगा। विविधता का अर्थ मतभेद नहीं हो सकता। हम अपनी संस्कृति में सदैव विविधता का उत्सव मनाते आए हैं।