गरीबी को पीछे छोड़ आगे बढ़ रहा भारत
   दिनांक 25-सितंबर-2018
भारत गरीबी को पीछे छोड़ आगे बढ़ रहा है। बीते दस वर्षों में भारत भारत में 27 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकलने में कामयाब रहे। । संयुक्त राष्ट्र की संस्था UNDP की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में वित्त वर्ष 2005-06 से 2015-16 के दौरान 27 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकलने में कामयाब रहे। इस इंडेक्स के मुताबिक भारत में गरीबी का प्रतिशत बीते 10 सालों में घटकर आधा हो गया है ।
यह रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र के तहत काम करने वाली संस्था संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और ग़रीबी के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था ऑक्सफोर्ड पॉवर्टी एंड ह्यूमन डेवेलपमेंट इनिसिएटिव (OPHI) ने संयुक्त रूप से तैयार की है। रिपोर्ट के अनुसार, 2005-06 में देश में गरीबों की तादाद 63.5 करोड़ थी, जो 2015-16 तक घटकर 36.4 करोड़ रह गई। यानी भारत में पिछले 10 सालों में 27.1 करोड़ लोग गरीबी के जीवन से बाहर निकल चुके हैं। दूसरे शब्दों में, देश में गरीबी की दर लगभग आधी रह गई है और यह 55 फीसदी से कम होकर 28 फीसदी रह गई है।
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और ऑक्सफोर्ड पॉवर्टी और ह्यूमन डेवलेपमेंट इनीशियटिव (OPHI) ने MPI जारी किया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक साल 2005-06 से लेकर 2015-16 के दौरान करीब 271 मिलियन लोग गरीबी रेखा से बाहर आ गए हैं । जबकि गरीबी का प्रतिशत का 55 फीसदी से घटकर 28 फीसदी हो गया । भारत पहला ऐसा देश है जहां एक तय समय अंतराल में स्थिति का आकलन किया गया है