सफाई कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से लेगा आयोग
   दिनांक 28-सितंबर-2018


(सबसे दाएं) श्री रामशंकर कठेरिया को मांगपत्र सौंपते सामाजिक समरसता मंच के पदाधिकारी
गत दिनों नई दिल्ली में सामाजिक समरसता मंच के नेतृत्व में सफाई कर्मचारी समाज के सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री रामशंकर कठेरिया एवं उपाध्यक्ष श्री एस.मुर्गन और राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष श्री हंसराज हंस से सीवर प्लांटों की सफाई में लगे कर्मचारियों की समस्यों के संदर्भ में मिला। सामाजिक सरमसता मंच, दिल्ली सफाई कर्मचारियों की समस्यायें समय-समय पर उठाता रहा है और हाल ही में डीएलएफ ग्रीन अपार्टमेन्ट में हुई 5 कर्मचारियों की मृत्यु से बहुत दुखी है। इस दौरान श्री मोहन लाल गिहारा ने बताया कि पिछले 7 वषार्ें में दिल्ली में ऐसे कामों के दौरान 36 कर्मचारियों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि सीवरों की व्यक्तियों द्वारा सफाई पर कानूनी रोक लगी हुई है। इसलिए सामाजिक सरमसता मंच की मांग है कि भारतीय दंड संहिता में संशोधन करके ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को कम से कम 7 वर्ष की सजा हो। सफाई कर्मचारी की मृत्यु की दशा में ठेकेदार की जिम्मेदारी तय होनी चाहिये और मुआवजा भी दिया जाना चाहिए, जैसा कि मोटर व्हीकल एक्ट-1988 के तहत दिया जाता है। श्री रामशंकर कठेरिया ने प्रतिनधिमंडल के सदस्यों को आश्वस्त किया कि इन सभी मांगों पर विचार किया जायेगा और संसद के अगले सत्र में इस पर चर्चा होगी।