कश्मीरी हिन्दुओं के पुनर्वास की हो पूर्ण व्यवस्था
   दिनांक 28-सितंबर-2018

 
श्री हंसराज अहीर को ज्ञापन सौंपते प्रतिनिधिमंडल के सदस्य 
वर्ष 1989-90 में इस्लामिक जिहादियों ने कश्मीर में कश्मीरी हिन्दुओं पर न केवल जुल्म ढहाया था बल्कि 5 लाख से अधिक हिन्दुओं को घाटी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था। कट्टरपंथियों ने इस दौरान सैंकड़ों मां-बहनों का शोषण किया। वहीं 1500 हिन्दुओं का कत्लेआम भी किया। यह सब जिहादियों ने एक रात में ही किया। इससे हजारों-हजार कश्मीरी हिन्दुओं को जम्मू सहित देश के विभिन्न स्थानों में शरण लेनी पड़ी। इस दौरान उन्होंने अनेक कष्ट सहे और आज भी कष्ट सहने को मजबूर हैं। इसी संबंध में गत 14 सितम्बर को ग्लोबल कश्मीरी पंडित डायसपोरा ने देश के विभिन्न शहरों में जहां शहीदी दिवस का आयोजन किया वहीं देश के बाहर 23 देशों में हिन्दू समाज ने उनकी याद में कार्यक्रम आयोजित किए। इस मौके पर ग्लोबल कश्मीरी पंडित डायसपोरा की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संबोधित एर ज्ञापन केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर को सौंपा, जिसमें हिन्दू समाज को न्याय दिलाने की गुहार लगाई गई है। इसके अलावा सरकार से पीडि़त कश्मीरी हिन्दू समाज के पुनर्वास की मांग की है।