राष्ट्र

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हेराल्ड हाउस हो सकता है जब्त, जमानत पर चल रहे राहुल और सोनिया की मुश्किलें बढ़ीं

हेराल्ड हाउस हो सकता है जब्त, जमानत पर चल रहे राहुल और सोनिया की मुश्किलें बढ़ीं

हेराल्ड मामले में कोर्ट से जमानत पर चल रहे राहुल गांधी और सोनिया गांधी मुकिश्लें बढ़ गई हैं। अखबारों में छपी रिपोर्ट के अनुसार आयकर विभाग ने नेशनल हेराल्ड पर 250 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने आयकर विभाग के नोटिस के बाद नोटिस जारी कर बिल्डिंग को खाली करने को कहा है। उल्लेखनीय है कि यंग इंडिया कंपनी की जांच इनकम टैक्स द्वारा कराए जाने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे थे। कोर्ट ने उन्हें राहत देने से मना कर दिया था। ..

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'अवार्ड' वापसी की अंतर्कथा क्या बुद्धिजीवी बन गए थे राजनीति के हाथों का प्यादा ?

'अवार्ड' वापसी की अंतर्कथा क्या बुद्धिजीवी बन गए थे राजनीति के हाथों का प्यादा ?

केंद्र में जब मई 2014 में नरेन्द्र मोदी की सरकार बनी थी उसी वक्त से वामपंथी विचारधारा के लेखकों को भी साहित्य और संस्कृति अपने वर्चस्व को लेकर खतरे की आशंका बलवती हो गई थी। अगले साल बिहार विधानसभा चुनाव के ठीक पहले कुछ साहित्यकारों ने असहिष्णुता का मुद्दा उठाते हुए साहित्य अकादमी पुरस्कार की वापसी का एलान कर सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की थी। जब पुरस्कार वापसी अभियान अपने चरम पर था उस वक्त भी पांचजन्य ने अपने पाठकों के सामने इसके पीछे की राजनीति का खुलासा करते हुए लेख छापे थे। उस वक्त के ..

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पुण्यतिथि पर विशेष: स्वतन्त्रता आंदोलन में उग्रवाद के प्रणेता लोकमान्य तिलक

पुण्यतिथि पर विशेष: स्वतन्त्रता आंदोलन में उग्रवाद के प्रणेता लोकमान्य तिलक

भारतीय स्वतन्त्रता के आन्दोलन में कांग्रेस में स्पष्टतः दो गुट बन गये थे। एक नरम तो दूसरा गरम दल कहलाता था। पहले के नेता गोपाल कृष्ण गोखले थे, तो दूसरे के लोकमान्य तिलक। इतिहास में आगे चलकर लाल-बाल-पाल नामक जो तिकड़ी प्रसिद्ध हुई, उसके बाल यही बाल गंगाधर तिलक थे, जो आगे चलकर लोकमान्य तिलक के नाम से प्रसिद्ध हुए।महात्मा गांधी के आंदोलन को सफल बनाने में सबसे बड़ा योगदान तिलक का ही था असहयोग आंदोलन के लिए जब एक साल के भीतर एक करोड़ रुपये जमा करने का लक्षय रखा गया तो गांधी जी ने तिलक की पुण्यतिथि पर कोष ..

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'जिहाद' मुंशी प्रेमचंद की कहानी - खजानचंद ने मृत्यु को स्वीकार किया पर नहीं बना मुसलमान

'जिहाद' मुंशी प्रेमचंद की कहानी - खजानचंद ने मृत्यु को स्वीकार किया पर नहीं बना मुसलमान

मुंशी प्रेमचंद बहुत पुरानी बात है। हिंदुओं का एक काफिला अपने धर्म की रक्षा के लिए पश्चिमोत्तर के पर्वत-प्रदेश से भागा चला आ रहा था। मुद्दतों से उस प्रांत में हिंदू और मुसलमान साथ-साथ रहते चले आये थे। धार्मिक द्वेष का नाम न था। पठानों के जिरगे हमेशा लड़ते रहते थे। उनकी तलवारों पर कभी जंग न लगने पाती थी। बात-बात पर उनके दल संगठित हो जाते थे। शासन की कोई व्यवस्था न थी। हर एक जिरगे और कबीले की व्यवस्था अलग थी। आपस के झगड़ों को निपटाने का भी तलवार के सिवा और कोई साधन न था। जान का बदला जान था, खून का बदला ..

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सावरकर ने बंटवारे पर पहले ही चेताया था कांग्रेसी नेताओं ने नहीं सुनी

सावरकर ने बंटवारे पर पहले ही चेताया था कांग्रेसी नेताओं ने नहीं सुनी

1940 में जब सिंध को मुंबई प्रांत से अलग कर दिया गया, तब सावरकर ही थे जिन्होंने चेताया था कि पाकिस्तान की नींव पड़ गई है, अब बंटवारा रोकना कठिन होगा। गांधीजी और नेहरू ने तो कहा था कि पाकिस्तान उनकी लाश पर बनेगा।पर सात वर्ष बाद वे गलत साबित हुए और सावरकर सही ...स्वातंत्र्यवीर सावरकर वह राष्ट्रवादी विभूति थे जिन्होंने आजादी के बाद के कालखण्ड में समाज को एकजुट रखने में भरपूर योगदान दिया। आज आवश्यकता है उनके दीर्घकालिक और तार्किक राष्ट्रवाद के प्रकाश में भीमा-कोरेगांव, जातिवादी दंगों और पत्थर गढ़ी जैसी घटनाओं ..

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अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी से जुड़ रहे मिशनरीज ऑफ चैरिटी के तार, 280 नवजात गायब

अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी से जुड़ रहे मिशनरीज ऑफ चैरिटी के तार, 280 नवजात गायब

मिशनरीज ऑफ चैरिटी से संचालित ‘निर्मल हृदय’ में नवजातों को बेचे जाने का खुलासा भले ही अभी हुआ हो लेकिन यहां से नवजातों को बेचे जाने का धंधा लंबे समय से चल रहा है। अभी तक हुई जांच में पता चला है कि 280 से ज्यादा नवजात ऐसे हैं जिनका कुछ अता—पता नहीं हैं। बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), जिला समाज कल्याण अधिकारी (डीएसडब्ल्यूओ), पुलिस तथा अन्य अधिकारियों की प्रारंभिक जांच में अभी तक यह खुलासा हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि इस पूरे रैकेट के तार अंतरराष्ट्रीय मानव तस्कर गिरोह से भी जुड़े हो सकते हैं।..

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मदर टेरेसा द्वारा स्थापित मिशनरीज ऑफ चैरिटी में बच्चा बेचने के आरोप में दो नन गिरफ्तार

मदर टेरेसा द्वारा स्थापित मिशनरीज ऑफ चैरिटी में बच्चा बेचने के आरोप में दो नन गिरफ्तार

कुंवारी लड़कियों का प्रसव कराने और उनके बच्चों को बेचने के मामले में रांची स्थित मिशनरीज ऑफ चैरिटी की दो नन व एक महिला कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है। मदर टेरेसा ने मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना की थी। रांची के पूर्वी जेल मार्ग के पास स्थित मिशनरीज ऑफ चैरिटी की शाखा में कुंवारी लड़कियों को मां बनने के लिए आश्रय दिया जाता है। और फिर प्रसव हो जाने के बाद उनके बच्चों को ऊंची कीमत पर बेचा जाता है। मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना मदर टेरेसा ने की थी। इसी संस्था के फर्जी काम के बल पर मदर टेरेसा को नोबल अवार्ड ..

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सिनौली में उभरी सरस्वती कालीन सभ्यता, वामपंथी झूठ की खुली पोल

सिनौली में उभरी सरस्वती कालीन सभ्यता, वामपंथी झूठ की खुली पोल

विश्व के पुरातन व गौरवशाली भारतीय इतिहास को ब्रिटिश इतिहासकारों ने विकृत करने का चरम प्रयास किया, लेकिन उनका विकृत सिद्धांत अब दम तोड़ चुका है। उत्तर प्रदेश के बागपत के सिनौली में अभी तक हुए उत्खनन से साबित हुआ है कि सरस्वती नदी के किनारे विकसित हुई सभ्यता ही वैदिक सभ्यता थी, जिसे वामपंथियों ने सिंधु घाटी सभ्यता नाम दिया था। खुदाई में निकले सारे पुरावशेषों ने हमारे वेदों में लिखी बातों को सिद्ध कर दिया है कि आर्य कहीं बाहर से नहीं आए थे और विश्व की सबसे प्राचीन और विकसित सभ्यता भारत की ’वैदिक सभ्यता’ ..

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प्रणब दा ने कहा डा. हेडगेवार भारत माता के महान सपूत, संघ के खिलाफ दुष्प्रचार करने वालों की बोलती हुई बंद

प्रणब दा ने कहा डा. हेडगेवार भारत माता के महान सपूत, संघ के खिलाफ दुष्प्रचार करने वालों की बोलती हुई बंद

दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि वर्तमान की राजनी​ति, सामाजिकता व बौद्धिकता इन विचारों के विपरीत खड़ी दिखाई देने लगी हैं। यह वैचारिक असहिष्णुता का ही परिणाम है कि कुछ राजनेता व बुद्धिजीवी प्रणब मुखर्जी को संघ के कार्यक्रम में जाने से ही रोकते रहे। केवल इतना ही नहीं जब वे नहीं रूके तो कईयों ने उनके खिलाफ ही अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। वर्तमान युग की सबसे बड़ी विसंगति यह है कि चाहे राजनेता हो या लेखक या मीडियाकर्मी हों या कोई और सभी अपने आप को सर्वज्ञ व सर्वगुण संपन्न मान लेते हैं। हर कोई ..

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