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धर्म संस्कृति जनवरी. २८, २०२१

स्वर्णिम भविष्य की आहट

स्वामी अवधेशानंद गिरि श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर बनने से पूरे भारत में एक नई ऊर्जा दौड़ेगी और यही ऊर्जा हमारे भविष्य को स्वर्णिम बनाने वाली हैराम भारत की कालजयी मृत्युंजयी संस्कृति के उच्चतम प्रतिमान और वैदिक हिंदू धर्म संस्कृति के प्राण हैं! वेदों में ब्रह्म की जिस नाम-रूप, गुणधर्म और अवस्थाओं का जो प्रतिपादन है, राम स्वयं उसकी साकार सत्ता हैं। श्रीराम परात्पर ब्रह्म हैं! आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जिस दिव्य-भव्य राम मंदिर की आधारशिला रखी है, उसमें मुझे भारत के स्वर्णिम भविष्य की दिव्य-आभा

28 Days 2 Hr ago
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