पाञ्चजन्य - राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक पत्रिका | Panchjanya - National Hindi weekly magazine
Google Play पर पाएं
Google Play पर पाएं

विश्व

दौरे का राजनीतिक महत्व

WebdeskApr 06, 2021, 01:26 PM IST

दौरे का राजनीतिक महत्व

web desk प्रधानमंत्री की यात्रा का दोनों देशों के रिश्तों से जितना वास्ता है, उतना ही पश्चिम बंगाल में चल रहे विधानसभा चुनाव से भी है। भारतीय पर्ववेक्षक उनके ओराकंडी के मतुआ मंदिर जाने का राजनीतिक मतलब भी निकाल रहे हैं। नागरिकता संशोधन कानून के कारण भाजपा को इस समुदाय का समर्थन हासिल हुआ है। 2019 के चुनाव में मोदी ने सीएए में संशोधन का वादा किया था, जिसे उन्होंने पूरा किया। इसका लाभ उन्हें 2019 के चुनाव में मिला। इस चुनाव में मतुआ समुदाय के मतदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उत्तर बंगाल की 51 और नदिया, उत्तर और दक्षिण 24 परगना की 70 से ज्यादा सीटों पर करीब 3.75 करोड़ लोग (करीब डेढ़ करोड़ मतदाता) मतुआ समुदाय से जुड़े हैं। ये लोग पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) से भागकर यहां आए हैं। विभाजन के बाद से मतुआ समुदाय को नागरिकता की समस्या से जूझना पड़ रहा है। पहले ये लोग माकपा को समर्थन देते थे, फिर इन्होंने ममता का साथ दिया। बीते कुछ वर्षों में भाजपा ने देश के दूसरे हिस्सों में दलित समुदाय के बीच जगह बनाई है। बंगाल में मतुआ समुदाय के साथ जुड़ना शेष देश की राजनीति में भी फलदायी होगा। बंगाल में 2016 के विधानसभा चुनाव में मतुआ बहुल 21 सीटों में से 18 पर तृणमूल कांग्रेस को जीत मिली थी, लेकिन 2019 में सीएए-एनआरसी लागू करने की घोषणा के बाद तस्वीर बदल गई और भाजपा को लोकसभा चुनाव में 21 में से 9 सीटों पर बढ़त हासिल हुआ। मतुआ समाज खुलकर सीएए-एनआरसी लागू करने की वकालत कर चुका है। भाजपा को विश्वास है कि मतुआ, हिंदू, और बंगाली संस्कृति के जरिए उसे लाभ मिलेगा। 2011 की जनगणना के अनुसार, पश्चिम बंगाल में कुल आबादी का 23.5 प्रतिशत दलित और 5.8 प्रतिशत वनवासी हैं। बंगाल के दलित एवं वनवासी मतुआ धर्म महासंघ के स्वाभाविक समर्थक माने जाते हैं। उत्तर 24 परगना जिले में बनगांव स्थित मतुआ धर्म महासंघ के मुख्यालय में मतुआ माता वीणापाणि देवी के साथ गत वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक की थी। वीणापाणि देवी के दबाव में ही ममता बनर्जी की नेतृत्व वाली सरकार को मतुआ कल्याण परिषद का गठन करना पड़ा। वीणापाणि देवी का गत वर्ष निधन हो गया।

Comments

Also read: चीन जाकर फिर कोरोना वायरस की उत्पत्ति का पता लगाएगा विशेषज्ञों का नया दल ..

Afghanistan में तालिबान के आतंक के बीच यहां गूंज रहा हरे राम का जयकारा | Panchjanya Hindi

अफगानिस्तान का एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें नवरात्रि के दौरान काबुल के एक मंदिर में हिंदू समुदाय लोग ‘हरे रामा-हरे कृष्णा’ का भजन गाते नजर आ रहे हैं।
#Panchjanya #Afghanistan #HareRaam

Also read: अब 30 से अधिक देशों में मान्य हुआ भारत का कोरोना वैक्सीन सर्टिफिकेट ..

काबुल के असमाई देवी मंदिर में भजन-कीर्तन की गूंज, अष्टमी पर भंडारे का आयोजन
दुनिया के 10 बड़े कर्जदारों में शामिल हुआ पाकिस्तान, अब मांगे से भी न मिलेगा कर्जा

इस्लामिक स्कूल में छात्रा को डंडों से बेरहमी से पीटा शिक्षकों ने

स्कूल ने लड़की को ऐसे घेर कर पीटने को सही भी ठहराया और कहा कि यह उन्होंने 'इस्लाम के कानून के हिसाब' से ही किया है नाइजीरिया के एक इस्लामिक स्कूल में लड़की को चार शिक्षकों द्वारा डंडों से पीटे जाने का वीडियो दुनिया भर में तेजी से वायरल हो रहा है। दरअसल ये शिक्षक उस छात्रा को 'सजा' देते दिख रहे हैं। 'सजा' देने वाले वे चारों पुरुष शिक्षक छात्रा को घेरकर पीटते दिख रहे हैं, जबकि वहां तमाशबीनों का मजमा लगा है। इतना ही नहीं, स्कूल ने लड़की को ऐसे घेर कर पीटने को सही भी ...

इस्लामिक स्कूल में छात्रा को डंडों से बेरहमी से पीटा शिक्षकों ने